जयपुर: जिंदा बम केस में चारों दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने 600 पेज में सुनाया फैसला
Jaipur Bomb Blasts: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 17 साल पहले 2008 में हुए सीरियल बम धमाकों के एक अहम मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। चांदपोल बाजार में जिंदा मिले बम के मामले में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने 600 पन्नों में अपना विस्तृत फैसला दिया है।
जयपुर बम धमाके दोषियों के नाम
- सैफुर्रहमान
- मोहम्मद सैफ
- मोहम्मद सरवर आजमी
- शाहबाज अहमद

चारों को IPC की 4 धाराएं, UAPA की 2 धाराएं और विस्फोटक अधिनियम की 3 धाराओं में दोषी पाया गया। इनमें से शाहबाज को छोड़कर बाकी तीन को पहले सीरियल ब्लास्ट केस में फांसी की सजा मिली थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। राज्य सरकार की उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित है।
कोर्ट ने कहा: "सबसे बड़ा न्यायालय हमारा अंत:करण होता है। क्या गलत है, क्या सही, यह हमारा मन जानता है। सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है।"
सरकारी वकील सागर तिवाड़ी ने क्या कहा?
शुक्रवार को दोषी ठहराने के बाद मंगलवार को सजा पर बहस के दौरान सरकारी वकील स्पेशल पीपी सागर ने कहा कि "आरोपियों ने समाज में भय फैलाने की नीयत से गंभीर अपराध किया है, इन पर कोई रहम नहीं किया जाना चाहिए।"
बचाव पक्ष के वकील मिन्हाजुल हक ने क्या कहा?
"आरोपी 15 वर्षों से जेल में हैं, और 8 मामलों में बरी हो चुके हैं। अब तक भुगती सजा को ध्यान में रखते हुए रियायत दी जाए।"
जयपुर बम धमाकों की टाइमलाइन
- 13 मई 2008: जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए। 71 लोगों की मौत और 180 से अधिक घायल।
- चांदपोल बाजार: यहां एक जिंदा बम मिला जिसे धमाके से 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर लिया गया।
- 2008-2019: सीरियल ब्लास्ट की लंबी जांच चली।
- 25 दिसंबर 2019: एटीएस ने चारों आरोपियों को जिंदा बम केस में गिरफ्तार किया।
- 112 गवाहों के बयान: जिनमें पत्रकार, पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग शामिल थे।
- 2023: सीरियल ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट ने चारों को बरी कर दिया।
- 5 अप्रैल 2025: जिंदा बम केस में चारों को दोषी ठहराया गया।
- 8 अप्रैल 2025: कोर्ट ने चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई।












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