कौन हैं IPS मनीष अग्रवाल व IAS इंद्रसिंह राव जिनका लॉकडाउन जेल में बीता? अब आए बाहर
जयपुर, 13 अगस्त। मिलिए राजस्थान के उन दो अफसरों से जिनका लॉकडाउन जेल में बीता है। जब कोरोना महामारी के चलते जहां देशभर में लोग अपने अपने घरों में थे तब ये दोनों अफसर सलाखों के पीछे थे। एक आईपीएस मनीष अग्रवाल तो दूसरे आईएएस इंद्रसिंह राव हैं। दोनों ही घूसखोर हैं। निलंबित भी चल रहे हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत
आज हम राजस्थान के इन दो रिश्वतखोर अफसरों का जिक्र इसलिए कर रहे हैं कि ये दोनों जेल से बाहर आ गए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पंकज भंडारी की अदालत ने निलंबित IPS मनीष अग्रवाल की जमानत मंजूर कर ली है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विवेकराज सिंह बाजवा ने और शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पदम सिंह गुर्जर ने की पैरवी की है।

दूसरी याचिका हुई मंजूर
वहीं, बात अगर निलंबित आईएएस इन्द्रसिंह राव को भी राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पंकज भंडारी की अदालत ने ही इन्द्र सिंह राव की भी दूसरी जमानत याचिका मंजूर की है। इस केस में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एसएस होरा ने पैरवी की है।

आठ माह जेल में रहे आईएएस इंद्रसिंह राव
बता दें कि आईएएस इंद्र सिंह राव दिसम्बर 2020 में राजस्थान के बारां में जिला कलेक्टर थे। तब इन्हें राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पेट्रोल पंप का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के बदले अपने निजी सचिव महावीर नागर के जरिए एक लाख 40 हजार की रिश्वत लेते 11 दिसम्बर 2020 को पकड़ा था। तब राव जेल में थे।

छह माह बाद छूटे आईपीएस मनीष अग्रवाल
आईपीएस मनीष अग्रवाल छह माह बाद जेल से बाहर आए हैं। ये राजस्थान के दौसा जिले के एसपी हुआ करते थे। दौसा जिले से भारत माला प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली-मुम्बई हाईवे का निर्माण कर कंपनी से 38 लाख की रिश्वत के मामले में एसीबी ने मनीष अग्रवाल को इसी साल फरवरी में पकड़ा था।












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