IAS Rukmani Riar : कक्षा 6 में फेल होने से लेकर अब ई-गवर्नेंस अवार्ड तक का पूरा सफर, पति भी पड़ोसी जिले में DM
हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर आईएएस रुक्मणी रियार को गंगनगर सिंचाई कम्प्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट के लिए ई- गवर्नेंस अवार्ड 2022
राजस्थान कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी (IAS) रुक्मणी रियार को मिले पुरस्कारों में एक और नाम शामिल हो गया है। अब रुक्मिणी रियार सिहाग को राष्ट्रीय ई- गवर्नेंस अवार्ड 2022 प्रदान किया गया है। रुक्मिणी रियार वर्तमान में राजस्थान के हनुमानगढ़ में जिला कलेक्टर हैं।

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2022
केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत मंत्रालय ने जिला स्तरीय ई गवर्नेंस पहले में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2022 के लिए आईएएस रुक्मणी रियार सिहाग का चयन हनुमानगढ़ से पहले श्रीगंगानगर में जिला कलेक्टर रहते गंगनगर सिंचाई कम्प्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट के लिए किया है। अब केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने जिला कलेक्टर समेत प्रोजेक्ट टीम को पुरस्कार राशि और ट्रॉफी देकर किया सम्मानित है।

हनुमानगढ़ से पहले श्रीगंगानगर की कलेक्टर रहीं रुक्मणी रियार
बता दें कि रुक्मणी रियार का श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर पद से अक्टूबर 2022 में हनुमानगढ़ ट्रांसफर हुआ है। हनुमानगढ़ में आते ही डीएम रुक्मणी रियार ने दो नवाचार किए हैं। एक मॉडल आंगनबाड़ी। इसमें जिलेभर की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाया जाएगा। सामाजिक संस्थाओं के जरिए उनमें बच्चों के लिए खिलौने रखवाएं जाएंगे। इसके लिए आमजन भी अपने बच्चों के पुराने खिलौने जिला परिषद सीईओ कार्यालय के खिलौना बैंक में जमा करवा सकते हैं। ताकि उनसे दूसरे बच्चे खेल सकें।

हनुमानगढ़ में दो नवाचार किए
हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर रुक्मणी रियार सिहाग ने दूसरा नवाचार यह किया है कि सरकारी कार्यालय में काम आने वाले लिफाफे, गत्ते आदि राजीविका के तहत महिलाओं से तैयार करवाए जाए ताकि उन्हें घर बैठे रोजगार मिल सके। आईएएस रुक्मणी रियार सिहाग के दोनों ही नवाचार काफी सुखिर्यों में हैं।

चंडीगढ़ की रहने वाली हैं रुक्मणी रियार
बता दें कि रुक्मणी रियार के पति आईएएस अधिकारी सिद्धार्थ सिहाग हनुमानगढ़ के पड़ोसी जिले चूरू में कलेक्टर हैं। रुक्मणी रियार मूलरूप से पंजाब के चंडीगढ़ की रहने वाली हैं। इनके पिता बलजिंदर सिंह रियार पंजाब के होशियारपुर में डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रहे हैं। रुकमणी रियार ने अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से सोशल साइंस में ग्रेजुएशन व टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में सोशल एंटरप्रेन्योरशिप में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। प्लैनिंग कमिशन ऑफ इंडिया में इंटर्नशिप करने वाली रुकमणी रियार मैसूर और मुंबई के एनजीओ में भी काम कर चुकी हैं।

Rukmani Riar AIR 2 UPSC 2011
उल्लेखनीय है कि पंजाब में 12 जून 1987 को जन्मी रुकमणी रियार ने शुरुआती शिक्षा होशियारपुर के स्कूल से पाई। कहते हैं कि रुक्मणी रियार कक्षा 6 में फेल हो गई थीं। बचपन में मिली असफलता को रियार ने ताकत बनाया और यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2011 में AIR 2 पाकर राजस्थान कैडर में आईएएस बनने में सफलता हासिल की। रुक्मणी रियार हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर कलेक्टर से पहले संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य आश्वासन एजेंसी, बूंदी जिला कलेक्टर, डूंगरपुर जिला परिषद सीईओ, आईटी में अतिरिक्त आयुक्त, बांसवाड़ा एसडीएम के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।












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