Gujrat और Himachal Pradesh के चुनाव में Ashok Gehlot की नीतियों को फॉलो करेगी कांग्रेस, जानिए पूरी वजह
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भले ही गांधी परिवार की आंख की किरकिरी बने हुए हो। लेकिन चुनाव जीतने के लिए गांधी परिवार को अशोक गहलोत की योजनाओं और नीतियों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। गहलोत की पुरानी पेंशन योजना बहाली जैसे फैसलों को कांग्रेस गुजरात और हिमाचल प्रदेश में प्रमुख मुद्दा बनाने जा रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हिमाचल में चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही अपनी पहली चुनावी रैली में राज्य की जनता से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली का वायदा कर इसकी शुरुआत कर दी है।

सोलन में उमड़ी भीड़ से कांग्रेस में जगी उम्मीद
सोलन में आयोजित चुनावी रैली में उमड़ी भीड़ ने कांग्रेस की उम्मीद जगा दी है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ही हिमाचल की चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हिमाचल में पहली चुनावी रैली का आगाज किया। यहां जुटी भीड़ ने एक बार फिर कांग्रेस की उम्मीद जगा दी है। रैली में प्रियंका गांधी उत्साह से लबरेज दिखी। उन्होंने अशोक गहलोत की पेंशन योजना के जरिए हिमाचल की जनता को अपनी ओर आकर्षित किया है।

परिवर्तन प्रतिज्ञा रैली के जरिए मतदाताओं को रिझाने की कोशिश
देश के अन्य राज्यों में लगातार हार रही कांग्रेस के लिए हिमाचल का विधानसभा चुनाव अहम हो गया है। इसलिए प्रियंका गांधी ने राज्य की जिम्मेदारी खुद ही उठाई है। सोलन में हुई रैली में भीड़ से कांग्रेस को से प्रियंका गांधी ने भी इस मौके पर राज्य की जनता से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली के साथ कई और घोषणाएं भी की। सभा को परिवर्तन प्रतिज्ञा रैली का नाम दिया गया था। प्रियंका ने इंदिरा गांधी के हिमाचल प्रदेश के साथ रिश्तो का जिक्र किया। आपको बता दें इंदिरा गांधी ने हिमाचल प्रदेश को राज्य का दर्जा दिया था।

अशोक गहलोत की योजनाओं और नीतियों की रहेगी खास भूमिका
हिमाचल में परिवर्तन के नारे के साथ प्रियंका गांधी ने ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली पहली कैबिनेट में एक लाख रोजगार, महिलाओं को 1500 रूपए की सहायता की गारंटी भी दी है। कांग्रेस की यही रणनीति है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली के वायदे के साथ राजस्थान की स्वास्थ्य योजना, शहरी रोजगार गारंटी योजना, किसानों का कर्जा माफी जैसे फैसलों को अहम मुद्दा बनाए जाए। कांग्रेस का मानना है कि मुख्यमंत्री गहलोत की योजनाएं गेमचेंजर साबित हो सकती हैं। गुजरात के लिए भले ही अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई हो। लेकिन कांग्रेस पड़ोसी राज्य राजस्थान सरकार की योजनाओं को गुजरात ले जाएगी। कांग्रेस का पूरा ध्यान हिमाचल और गुजरात चुनाव पर है। जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भूमिका अहम रहेगी।












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