असम विधानसभा चुनाव 2021 के रिजल्ट से पहले ही कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों की जयपुर में बाड़ाबंदी
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर से बाड़ेबंदी शुरू हो गई। रिसॉर्ट भी इस बार वहीं बुक हुआ है, जहां पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट गुट की बगावत के बाद सीएम अशोक गहलोत खेमे के विधायकों को रखा गया था। इस बार बाड़ेबंदी राजस्थान के विधायकों की नहीं बल्कि असम में कांग्रेस गठबंधन (AIUDF) की ओर से विधानसभा चुनाव 2021 लड़ रहे उम्मीदवारों की हो रही है। असम में कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के करीब एक महीने पहले ही गठबंधन के उम्मीदवारों को दलबदल से बचाने की कवायद तेज कर दी है। कांग्रेस गठबंधन के कई उम्मीदवारों को जयपुर के रिसॉर्ट लाया गया है।
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सूत्रों का कहना है कि कम से कम 22 उम्मीदवारों को जयपुर के एक रिसॉर्ट 'फेयर माउंट' में सुरक्षित पहुंचाया गया है। असम में कांग्रेस गठबंधन में शामिल बोडो पीपुल्स फ्रंट का एक उम्मीदवार तो मतदान के पहले ही बीजेपी में शामिल हो गए थे। इससे गठबंधन को गहरा झटका लगा था। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट ने इस सीट पर मतदान स्थगित करने की मांग भी खारिज कर दी थी।
सूत्रों के मुताबिक इस घटना से सबक लेते हुए कांग्रेस गठबंधन ने अन्य उम्मीदवारों को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। जयपुर लाए गए प्रत्याशियों में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, बोड पीपुल्स फ्रंट और लेफ्ट पार्टी के उम्मीदवार भी शामिल हैं।

कांग्रेस गठबंधन उम्मीदवारों की इस बाड़ेबंदी से नाराज बीजेपी ने गहलोत सरकार पर हमला बोला है। भाजपा के प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने आरोप लगाया कि एक तरफ राजस्थान में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर गहलोत सरकार प्रदेश की जनता पर ध्यान देने की बजाय राजनैतिक माहौल बनाने में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि असम में इस बार विधानसभा चुनाव 2021 के तीनों चरण में वोटिंग हो चुकी है। पहले चरण के लिए वोटिंग 27 मार्च को और आखिरी 6 अप्रैल को हुई थी। असम विधानसभा चुनाव के नतीजे अन्य राज्यों के साथ 2 मई को आएंगे।












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