Rajasthan में अब व्हाट्सएप पर दर्ज होगी चिरंजीवी शिकायत, अस्पतालों में इलाज के नाम पर अवैध वसूली होगी बंद
राजस्थान सरकार ने चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना नवाचार किया है। इससे निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगेगी। स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी जल्द ही इसके लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरू करेगी।
Rajasthan में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में इलाज को लेकर निजी अस्पतालों की मनमर्जी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज की सुविधा देने और समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए एसीबी की तरह अब स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी द्वारा जल्द ही व्हाट्सएप हेल्पलाइन सेवा भी शुरू की जाएगी। स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुचि त्यागी ने अधिकारियों को जल्द नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों एवं उनके निस्तारण के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में त्यागी ने निर्देश दिए कि योजना का समय बंद एवं पूर्ण लाभ सुनिश्चित होना चाहिए। यदि किसी लाभार्थी को योजना का लाभ लेने में कोई समस्या आ रही हो तो संबंधित अधिकारी उसका तत्काल समाधान करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला जिला स्तर पर ही या प्रथम स्तर पर ही समाधान योग्य हो तो संबंधित उसका त्वरित निस्तारण करें। योजना के तहत अब प्रदेश भर में 294207 लोगों ने चिरंजीवी योजना का लाभ लेकर निशुल्क इलाज लिया है।

राज्य स्तर पर मात्र 50 शिकायतें पेंडिंग
चिरंजीवी योजना में आने वाली शिकायतों में अधिकांश शिकायतें योजना का पैकेज शामिल नहीं होने और मरीजों से इस योजना के दायरे में होते हुए भी इलाज के नाम पर जबरन वसूली के मामले आए हैं। त्यागी ने बताया कि चिरंजीवी योजना में जिला स्तर पर समस्याओं का तुरंत समाधान करने का काम किया जाता है। स्टेट लेवल पर अब तक 7500 मामले आए हैं। इनमें से 7450 का निस्तारण किया जा चुका है। अब तक विभाग के पास कुल 14500 शिकायतें दर्ज की गई है। जिनमें से करीब 14300 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। मात्र 200 शिकायतें पेंडिंग में है। त्यागी ने बताया कि आमजन जानकारी के अभाव में और शिकायत कहां कराएं इसकी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में कई शिकायतें दर्ज ही नहीं कराते ऐसे लोगों को भी सीधा जोड़ने के लिए नवाचार किया जा रहा है।

अब तक 10 करोड़ की वसूली
प्रदेशभर के अस्पतालों की शिकायतों की जानकारी के बाद एजेंसी द्वारा कार्रवाई कर अब तक प्रदेश भर में 57 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन अस्पतालों को छह माह से लेकर 3 वर्ष तक के लिए चिरंजीवी योजना से सस्पेंड किया गया है। अधिकांश मामलों में अस्पताल द्वारा गलत पैकेज भर पैसा उठाने का मामला सामने आया है। ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 10 करोड़ की वसूली की जा चुकी है।













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