भीलवाड़ा की डॉक्टर बहू ने चलती फ्लाइट में ऐसे बचाई महाराष्ट्र की महिला जान, इंडिगो ने की सराहना
जयपुर, 15 सितम्बर। दुनियां में डॉक्टर को भगवान का दर्जा ऐसे ही नहीं किया गया है। एक इंसान की जिंदगी बचाने में डॉक्टर की भूमिका बहुत बहुत मायने रखती है। राजस्थान के भीलवाड़ा की डॉक्टर बहू निवेदिता पांडे सहित तीन चिकित्सकों की टीम ने इसे सच साबित कर दिखाया है। हवाई यात्रा के जरिए कोलकाता से पुणे लौट रहे सहयात्री को दिल का दौरा पड़ने पर उसे प्राथमिक उपचार देकर निवेदिता ने महिला की जान बचाई है।

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कोलकाता से परीक्षा देकर लौट रही थी निवेदिता
डॉ. निवेदिता पांडे पुणे के केईएस हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट हैं। निवेदिता लंदन की रॉयल कॉलेज ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ की परीक्षा देने कोलकाता गई थी। परीक्षा देने के बाद वे मंगलवार को इंडिगो की फ्लाइट से वापस पुणे लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में महाराष्ट्र की एक बुजुर्ग महिला को हार्ट अटैक आ गया। महिला के साथ यात्रा कर रही उनकी पोती भी इसे देखकर घबरा गई। इस दौरान फ्लाइट के सभी यात्री भी घबरा गए थे।

ऐसे दिया महिला को प्राथमिक उपचार
डॉ. निवेदिता के मुताबिक फ्लाइट में चिकित्सक की जानकारी को लेकर अनाउंसमेंट किया गया। इस पर निवेदिता और दो अन्य चिकित्सक आगे आए। फ्लाइट में दवाई, इंजेक्शन सहित अन्य उपचार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने पर महिला का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद मेडिकल इमरजेंसी देखी और प्लेन को डाइवर्ट करवाया गया।

रायपुर में करवाई इमरजेंसी लैंडिंग
महिला की तबीयत बिगड़ने पर फ्लाइट को डाइवर्ट करा कर छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई। क्रू मेंबर्स और यात्रियों के सहयोग से महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। महिला को समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।

इंडिगो ने की चिकित्सकों की सराहना
चिकित्सकों द्वारा फ्लाइट में यात्री की जान बचाने पर इंडिगो ने चिकित्सकों की टीम को डन इट विदाउट यू प्रमाण पत्र दिया। निवेदिता के मुताबिक चिकित्सकों की टीम के साथ ही यात्रियों और फ्लाइट के कैप्टन एवं अन्य सदस्यों ने भी महिला जान बचाने में सहयोग रहा। फ्लाइट के डायवर्ट होने से यात्री अपने नियत स्थान पर देरी से पहुंच सकें। लेकिन यात्रियों ने इसकी परवाह न कर मानवता का फर्ज निभाया।












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