राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने लिए चार बड़े फैसले, नवाचार निधि भी बनाया जाएगा

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक के बाद एक चार अहम फैसले किए है. सीएम ने प्रत्येक जिले के लिए मुख्यमंत्री नवाचार निधि बनाने का फैसला किया है, तो जेटीए एवं लेखा सहायक के नियोजन में एकरूपता के लिए नई नीति का अनुमोदन कर दिया. इसी तरह आईईसी गतिविधियों के लिए 335 लाख रूपए की वार्षिक योजना को मंजूरी दी और बाट, माप व तोल मशीनो के सत्यापन के लिए पेनल्टी में एकबारगी छूट का तोहफा दिया.

Ashok Gehlot Government of Rajasthan took four big decisions, innovation fund will also be made

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को चार अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है. गहलोत ने प्रत्येक जिले की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास के लिए मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि योजना को मंजूरी दी है. राज्य वित्त पोषित इस योजना में प्रत्येक जिले को एक-एक करोड़ रुपए प्रतिवर्ष आवंटित किए जाएंगे. गहलोत ने राज्य बजट में इस योजना की घोषणा की थी. इस योजना में ऎसी गतिविधियों एवं कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा जिनके लिए पूर्व में संचालित राजकीय योजनाओं में प्रावधान उपलब्ध नहीं है. ग्रामीण विकास विभाग राज्य स्तर पर इस योजना का नोडल विभाग होगा तथा जिला स्तर पर जिला परिषद कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेन्सी होगी. इस योजना में उपलब्ध राशि के लिए कार्यों की स्वीकृति जिला कलक्टर द्वारा जारी की जाएगी.

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इसी तरह सीएम ने मनरेगा योजना में कनिष्ठ तकनीकी सहायक एवं लेखा सहायक के कुल 738 रिक्त पदों के संविदा आधार पर नियोजन में एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार की गई नई नीति को मंजूरी दे दी. इस फैसले से कनिष्ठ तकनीकी सहायक (जेटीए) के 373 एवं लेखा सहायक के 365 पदों को संविदा से भरने के लिए सभी जिलों में एकरूपता बनाई रखी जा सकेगी. इस नीति में कनिष्ठ तकनीकी सहायकों के चयन के लिए सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री अथवा डिप्लोमाधारी तथा कृषि इंजीनियरिंग में बीई या बी टेक अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करते हुए शैक्षणिक योग्यता के 70 प्रतिशत अंक तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में कार्य का अनुभव रखने वाले संविदा कार्मिकोंको नियोजन में प्राथमिकता देने के उददेश्य से 20 अंक एवं गृह जिले के निवासी को जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उददेश्य से 10 अंक निर्धारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से प्रत्येक 6 ग्राम पंचायतों पर एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक तथा 10 ग्राम पंचायतों पर एक लेखा सहायक उपलब्ध हो सकेंगे.

335 लाख रूपए की वित्तीय वर्ष 2021-22 की वार्षिक योजना का अनुमोदन किया

एक अन्य फैसले में सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रचार-प्रसार तथा आईईसी गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए 335 लाख रूपए की वित्तीय वर्ष 2021-22 की वार्षिक योजना का अनुमोदन किया है. इस मंजूरी से योजना के लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण के लिए तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा सकेगा. वहीं सीएम गहलोत ने पोर्टेबल बाट, माप, व तोल मशीनों का नियमित सत्यापन व मुद्रांकन नहीं करा पाने वाले उपयोगकर्ताओं को सत्यापन के लिए पेनल्टी शुल्क में 31 दिसंबर 2021 तक एक बारीय छूट देने का फैसला किया है.

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