आनंदपाल एनकाउंटर केस : 99 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन व लाखों के ईनाम देगी अशोक गहलोत सरकार

जयपुर, 23 अप्रैल। राजस्थान के बहुचर्चित केस आनंदपाल एनकाउंटर में बड़ी खबर सामने आई है। 24 जून 2017 को चूरू जिले के गांव मालासर के श्रवण सिंह राजपूत के घर में छिपे गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रमोशन व नकद ईनाम का आदेश जारी किया है।

पहले दर्ज की गई थी एफआईआर

पहले दर्ज की गई थी एफआईआर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान की वसुधरा राजे सरकार के समय में हुए आनंदपाल एनकाउंटर केस में राजपूत नेताओं के विरोध प्रदर्शन के चलते पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। अशोक गहलोत सरकार के समय में पिछले साल सीबीआई ने आनंदपाल एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी थी।

 इन पुलिसकर्मियों को पदोन्नति व ईनाम

इन पुलिसकर्मियों को पदोन्नति व ईनाम

अब गहलोत सरकार आनंदपाल एनकाउंटर में शामिल रहे नौ पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति देने जा रही है। इसके अलावा आनंदपाल एनकाउंटर के 90 को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस संबंध डीजीपी राजस्थान एमएल लाठर ने आदेश जारी किया है। 17 पुलिसकर्मियों को एक-एक लाख, 13 लाख का 50-50 हजार रुपए, 34 पुलिसकर्मियों को 25-25 हजार रुपए और 26 पुलिसकर्मियों को 51-51 सौ रुपए का ईनाम मिलेगा। विशेष पदोन्नति पाने वाले पुलिसकर्मियों में आनंदपाल को गोली मारने वाले स्पेशल कमांडो सोहन सिंह, चूरू के तत्कालीन एसपी राहुल बारहठ, एसओजी में एडिशनल एसपी करण शर्मा, एडिशनल एसपी विद्याप्रकाश चौधरी, डीएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़, आरएसी के हेडकांस्टेबल कैलाश व चूरू पुलिस कांस्टेबल हरमपाल शामिल है।

 कौन था गैंगस्टर आनंदपाल सिंह?

कौन था गैंगस्टर आनंदपाल सिंह?

राजस्थान में आनंदपाल सिंह का नाम आतंक का पर्याय था। 31 मई 1975 को राजस्थान के नागौर जिले के लाड़नूं उपखंड के गांव सांवराद में निर्मल कंवर और हुकुम सिंह चौहान के घर जन्मे आनंदपाल सिंह की शादी 1992 में राज कंवर के साथ हुई। इनके बेटी योगिता कंवर चौहान व चरणजीत कंवर चौहान है। आनंदपाल राजनीति में कॅरियर बनाना चाहता था, मगर अपराध की राह पकड़ ली। हत्या, लूट, डकैती जैसी कई संगीन वारदातों को अंजाम देने के चलते जेल चला गया। अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल से नागौर कोर्ट में पेशी पर लाए जाने के दौरान 3 सितंबर 2015 को चालानी गार्ड को नशीली मिठाई खिलाकर फरार हो गया था।

कैसे हुआ आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर?

कैसे हुआ आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर?

पौने दो साल तक राजस्थान पुलिस आनंदपाल को पकड़ नहीं सकी। फरारी के दौरान आनंदपाल से पुलिस का सामना हुआ तो वह एके45 से फायर करके भाग गया। 2017 में राजस्थान पुलिस को इत्तला मिली कि आनंदपाल सिंह चूरू जिले के रतनगढ़ उपखंड के गांव मालासार में श्रवण सिंह के घर छुपा हुआ है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने 24 जून 2017 की आधी रात को श्रवण सिंह के घर पर कार्रवाई करके आंनदपाल सिंह को एनकाउंटर में मार गिराया था।

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