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Jabalpur News: पेंच-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी निर्माण की जांच करें सरकार, जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश

मप्र हाईकोर्ट ने पेंच और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी निर्माण को लेकर सरकार को जांच के निर्देश दिए हैं। जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना अनुमति निर्माण में दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पेंच और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी शुरू करने के मामले में सरकार को गंभीरता से जांच करने निर्देश दिए हैं। RTI एक्टिविस्ट अजय दुबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बफर जोन में बिना अनुमति निर्माण किस आधार पर हो रहा है। जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

jabalpur

एमपी के पेंच और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में टाइगर सफारी के निर्माण से जुड़ा मामला हैं। भोपाल निवासी RTI एक्टिविस्ट अजय दुबे ने टाइगर सफारी निर्माण के फैसले फिर बाद में लगातार दोनों ही जगह बाघों की हुई मौत को लेकर चिंता जताई थी। इस सिलसिले में जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। जिसमें बताया गया कि साल 2015-16 में सेंट्रल जू अथारिटी और एनटीसीए की अनुमति के बिना पेंच और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में टाइगर सफारी प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया था। नियम मुताबिक इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश ईको टूरिज्म बोर्ड को करना था। टूरिज्म बोर्ड और ईको टूरिज्म बोर्ड के तत्कालीन अधिकारियों की देखरेख में निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसमें लगभग 7 करोड़ रुपए खर्च हुए। याचिका के माध्यम से कोर्ट के समक्ष दलील दी गई कि जब टाइगर सफारी का निर्माण चल रहा था उसी दौरान पेंच और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों का शिकार शुरू हो गया। सफारी के निर्माण के बाद पेंच में 6 और बांधवगढ़ में 1 बाघ की मौत हुई।

याचिकाकर्ता ने अजय दुबे ने बताया कि बाघों के मूवमेंट वाली इलाके में सफारी के नाम पर बाड़े बनाए जा रहे थे। जिसमें टूरिस्ट की दखलंदाजी भी बढ़ गई। बाघों की मौत को लेकर एनटीसीए की रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हुआ। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर माना है। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ और न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन विभाग को निर्देश दिए कि इस संबंध में पूर्व प्रमुख सचिव वन एपी श्रीवास्तव, पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मप्र ईको टूरिज्म बोर्ड विनय बर्मन व तत्कालीन पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) की संलिप्तता की जांच करें।

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