MP News: बारिश का कहर, तीसरे दिन भी हाहाकार, जबलपुर-मंडला हाईवे बंद, लैंडस्लाइड व जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
MP News: मध्य प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही बारिश का तांडव तीसरे दिन भी जारी है। जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, और सिवनी जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है, और कई हाईवे जलमग्न होने के साथ-साथ लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गए हैं।
विशेष रूप से, नेशनल हाईवे-30 पर जबलपुर-मंडला मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। मंडला में पिछले 48 घंटों में 190 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि डिंडौरी में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। इस प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, और प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा है।

मंडला और जबलपुर में बाढ़ जैसे हालात
मध्य प्रदेश में मानसून का एक मजबूत सिस्टम सक्रिय होने के कारण कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो रही है। मंडला जिले में पिछले 48 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी घरों में घुस गया है, और बीजाडांडी विकासखंड के दर्जनों गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। बरोची गांव में शासकीय उचित मूल्य की दुकान में पानी भरने से राशन भीग गया, जबकि गोदरी नाले पर बनी पुलिया बह जाने से करीब दो दर्जन गांवों का संपर्क कट गया है। मंडला के मटियारी में 24 घंटे में 190 मिमी और बिछिया में 185.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जबलपुर में भी स्थिति बेहद गंभीर है। पिछले 12 घंटों में 71.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण परियट नदी उफान पर है। बरेला थाना क्षेत्र में परियट नदी के पुल पर खड़े दो ट्रक-एक गैस सिलेंडर और दूसरा भूसे से भरा-तेज बहाव में बह गए। चालक और परिचालक ने तैरकर अपनी जान बचाई, लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जबलपुर में इस मानसून सीजन में अब तक 310 मिमी (12 इंच से अधिक) बारिश हो चुकी है, जो औसत 30-40 इंच का लगभग 33% है।

लैंडस्लाइड से जबलपुर-मंडला हाईवे बंद
नेशनल हाईवे-30 पर जबलपुर-मंडला मार्ग पर बरेला शारदा मंदिर पहाड़ी के पास भूस्खलन के कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। भारी बारिश के चलते मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बालाघाट से आ रही एक बारात भी इस जाम में फंस गई। प्रशासन ने रास्ता खुलवाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात की हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम में बाधा आ रही है। डिंडौरी में सिवनी नदी का जलस्तर बढ़ने से जबलपुर-अमरकंटक हाईवे भी बंद हो गया है।
नदियां उफान पर, निचले इलाकों में जलभराव
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर पर पहुंच गया है, जबकि डिंडौरी में नर्मदा और खरमेर नदी के उफान ने सौ से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से काट दिया है। जबलपुर में नर्मदा नदी में एक मंदिर डूब गया, और बिछिया-घुघरी मार्ग पर नाले का पानी पुल के ऊपर बह रहा है।
निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और भी गंभीर है। टीकमगढ़ में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक 8 घंटे में 6 इंच बारिश हुई, जिससे जेल रोड पर आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में पानी भर गया। एसडीआरएफ और पुलिस ने छात्राओं को सुरक्षित निकाला। कटनी के शिवनगर में घरों में पानी घुस गया, और ढीमरखेड़ा-उमरियापान मार्ग दिनभर बंद रहा।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मंडला, सिवनी, और बालाघाट में रेड अलर्ट है, जहां अगले 24 घंटों में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। जबलपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, शिवपुरी, गुना, और अशोकनगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो ट्रफ लाइनें और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण बारिश का यह सिलसिला अगले चार दिनों तक जारी रह सकता है।
प्रशासन का राहत कार्य
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मंडला में होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं, जिन्होंने अब तक 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिला कलेक्टरों को निचले इलाकों से लोगों को अस्थायी शिविरों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। डिंडौरी में कलेक्टर नेहा मारव्या ने भारी बारिश के चलते 4 और 5 जुलाई को सभी हाई स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। जबलपुर में बाढ़ नियंत्रण दलों को मुस्तैद किया गया है, और ग्रामीणों से नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की गई है।
जनजीवन पर प्रभाव
लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जबलपुर में सरकारी स्कूलों और पुलिस लाइन में छत टपकने की समस्या सामने आई है, जिसके कारण बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाया जा रहा है। बालाघाट में लामटा मार्ग पर एक पेड़ गिरने से सुबह 10 बजे से रास्ता बंद है, और दंडई नाला उफान पर होने से यातायात ठप है। शिवपुरी में सिंध नदी के उफान के कारण ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को गोद में उठाकर नदी पार करनी पड़ रही है।












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