MP पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले की राशि न देने वाले कॉलेज होंगे कुर्क, हाईकोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश
मध्य प्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेज छात्रवृत्ति घोटाला मामले में MPलॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वसूली की राशि जमा न करने वाली संस्थाओं की संपत्ति कुर्क की जाएगी।

MP paramedical scholarship scam: मध्य प्रदेश बहुचर्चित पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले मामले में उन सील कॉलेजों को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है, जो निर्धारित वसूली राशि का 50 फीसदी भुगतान करने तैयार है। इस आधार पर उनकी संपत्ति भी मुक्त करने के कोर्ट ने निर्देश दिए है।
MPलॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सरकार की ओर से कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश की गई थी। कोर्ट को बताया गया कि ऐसी एक-दो संस्थाएं हैं जिनकी संपत्ति कुर्क की जाना है। लेकिन उनकी संपत्ति अभी पता नहीं लगाई जा सकी है और कार्यवाही जारी है।
याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने बताया कि शासन की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि जिन संस्थाओं द्वारा आरआरसी नोटिस के बावजूद राशि जमा नहीं की गई है, उनकी संपत्ति की नीलामी जल्द की जाएगी। एक दिन पहले इंदौर बैंच से ट्रांसफर होकर जबलपुर में बुलाए गए वसूली के मामलों में भी सुनवाई हुई थी।
सरकार की रिपोर्ट में ग्वालियर से संबंधित वसूली की जानकारी सम्मिलित ना होने पर याचिकाकर्ता द्वारा फिर आपत्ति जताई गई। जिस पर हाईकोर्ट ने जबलपुर के साथ साथ अन्य सभी शेष जिलों की वसूली की स्थिति की रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करने के लिए कहा है ।
कोर्ट में जनहित याचिका के साथ 22 पैरामेडिकल कॉलेजों की लंबित याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई हुई। इंदौर बैंच से ट्रांसफर होकर जबलपुर में बुलाए गए वसूली के मामलों में भी स्थगन जारी रखा गया है। राशि इंदौर कलेक्टर के पास जमा होगी जो कि कॉलेजों की याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।
मामले में याचिकाकर्ता एसोसिएशन की ओर से आपत्ति व्यक्त की गई कि ग्वालियर संभाग से संबंधित प्रकरणों और रिकवरी का स्टेटस सरकार की रिपोर्ट नहीं उल्लेख किया गया है जिस पर कोर्ट ने ग्वालियर से संबंधित कॉलेजों की स्थिति से अवगत कराने के लिए सरकार को कहा है।
फैक्ट फाइल-
- कुल वसूली योग्य राशि- 24 करोड़
- वर्तमान तक कुल वसूल की गई राशि - 7 करोड़ 87 लाख
- वसूली हेतु शेष राशि - 16 करोड़
- हाईकोर्ट से स्थगन प्राप्त मामले - 18
- वसूली पूर्ण संस्थाओं की संख्या -55
- वसूली हेतु शेष संस्थाओं की संख्या- 37












Click it and Unblock the Notifications