MP Nikay Chunav Result 2022: जीत गए ‘जगत’, 3 सांसदों, 3 विधायकों के अपने घर में BJP ढेर
नगरीय निकाय चुनाव में जबलपुर में महापौर चुनाव परिणाम ने कांग्रेस के लिए नई ऑक्सीजन से कम नही है। तमाम कयास, अटकलें नतीजे के दिन EVM खुलते-खुलते बीजेपी के लिए बेमानी साबित होती गई। MP Nagar Nikay Chunav Result 2022: Cong
जबलपुर, 17 जुलाई: मप्र में नगरीय निकाय चुनाव में उतरे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो गया। पहले चरण के चुनाव में जबलपुर से महापौर के लिए जीत का सेहरा कांग्रेस प्रत्याश जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' के सिर बंधा। यहाँ बीजेपी के 3 सांसदों, 3 विधायकों के अपने घर में पार्टी प्रत्याशी डॉ. जितेन्द्र जामदार को हार का मुहं देखना पड़ा। वही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने दो वार्डों में जीत दर्ज कर धमाकेदार एंट्री दी।

चुनाव मैदान में ‘बहादुर’ निकले ‘जगत’
नगरीय निकाय चुनाव में जबलपुर में महापौर चुनाव परिणाम ने कांग्रेस के लिए नई ऑक्सीजन से कम नही है। तमाम कयास, अटकलें नतीजे के दिन EVM खुलते-खुलते बीजेपी के लिए बेमानी साबित होती गई। पार्टी की उम्मीदों के साथ विशेषतौर पर शहर से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा, पूर्व मंत्री और विधायक तरुण भनोत, लखन घनघोरिया, विनय सक्सेना, संजय यादव के मंसूबों पर कांग्रेस प्रत्याशी जगत बहादुर सिंह अन्नू खरा उतरें। सभी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। शुरू से अन्नू ने जो बढ़त बनाई तो फिर उन्हें पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नहीं पड़ी।

44 हजार, 3 सौ 39 वोटों से जीते ‘अन्नू’
नतीजों के इंतजार में गुजरी आखिरी रात के बाद अगली सुबह बीजेपी-कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवारों के लिए धड़कन बढ़ाने वाली थी। जिस उम्मीद के साथ दोनों पार्टी के महापौर प्रत्याशियों ने डटकर चुनाव लड़ा, सुबह नौ बजते ही उसकी तस्वीर सामने आने लगी। नतीजों के लिए पहले राउंड से ही EVM की बटने जैसे चटकना शुरू हुई कांग्रेस प्रत्याशी जगत बहादुर सिंह अन्नू का चेहरा खिलता गया, और बीजेपी के उम्मीदवार डॉ. जितेन्द्र जामदार का चेहरा मुरझाता ही गया। नतीजों के आखिरी तक सफ़र में कही भी ऐसा मौका ऐसा नहीं आया, जब बीजेपी कहने लायक रहे कि जीत-हार का फासला बहुत कम था। सभी राउंड में लगातार जामदार को पछाड़ते हुए अन्नू ने 44339 से वोटों से जीत दर्ज की।

नही चल पाया शिवराज-वीडी जादू...
जबलपुर में महापौर के रूप बीजेपी को मिली करारी हार ने कई दिग्गजों की साख पर बट्टा लगाया है। यहाँ से महापौर का चुनाव बीजेपी के लिए ज्यादा प्रतिष्ठा का इसलिए भी था, क्योकि कई दावेदारों की लंबी फेहरिस्त से डॉ. जितेन्द्र जामदार का नाम फाइनल किया गया। इसके अलावा प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के ख़ास पसंदीदा कैंडिडेट में जामदार शुमार थे। सीएम शिवराज ने खुद जामदार के नामांकन से लेकर आखिरी प्रचार तक तीन बार मोर्चा संभाला। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी आए और रोड शो से लेकर प्रचार के हर तरीके अपनाए गए।

बीजेपी के खाते में 44, कांग्रेस के खाते में 26 पार्षद
जबलपुर नगर निगम में बीजेपी के हाथ से महापौर की कुर्सी भले ही खिसक गई लेकिन वार्डों की संख्या के लिहाज से प्रदर्शन ठीक कहा जा सकता है। आंकड़ों के लिहाज से पिछली बार 42 वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी जीते थे, वही कांग्रेस के 29 पार्षद थे। इस बार के चुनाव में पार्षदों की संख्या के हिसाब से कांग्रेस को 3 वार्ड का नुकसान तो भाजपा को दो वार्डों का फायदा मिला है।

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की धमाकेदार एंट्री
79 वार्डों में सबसे रोचक मुकाबला मुस्लिम बाहुल्य लाल बहादुर शास्त्री और रवीन्द्र नाथ टैगोर वार्ड में रहा। इन दोनों वार्डों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के पार्षद प्रत्याशी ने धमाकेदार जीत दर्ज की। नगर निगम के सदन में AIMIM के दो पार्षदों के पहुँचने से जनता के बीच नया विकल्प सामने आया है। आपको बता दे कि चुनाव में उतरे अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में ओवैसी जबलपुर भी पहुंचे थे। उन्होंने यहाँ प्रत्याशियों के इलाके में जनसभा भी की थी।
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