MP assembly election 2023: जबलपुर की 5 सीटों पर BJP प्रत्याशी ‘No Change’, 1 पर सांसद 2 पर वेटिंग
MP assembly election 2023: मध्य प्रदेश में आधी से ज्यादा विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर लिस्ट जारी करने में सबसे आगे हैं। जिन चेहरों को पार्टी ने चयन किया, उनके सामने कांग्रेस के कौन से चहरे होंगे इसका पब्लिक अलग-अलग ढंग से अनुमान लगा रहा हैं।
बात यदि महाकौशल की राजनीति की धुरी कहे जाने वाले जबलपुर जिले की करें तो यहाँ की आठ में से 6 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी घोषित कर चुकी हैं। 9 अक्टूबर को घोषित चौथी सूची में-
- पनागर विधानसभा से सुशील तिवारी 'इंदु'
- केंट से अशोक रोहाणी
- पाटन से अजय विश्नोई का नाम प्रत्याशी के तौर पर शामिल हैं।
इससे पहले दूसरी सूची में बीजेपी ने जबलपुर की पश्चिम विधानसभा सीट से सांसद राकेश सिंह का नाम शामिल कर धमाका किया था। राकेश सिंह चार बार के सांसद हैं। प्रदेश अध्यक्ष की कमान भी संभाल चुके है। इसके अलावा वर्तमान में लोकसभा में सचेतक के पद पर भी हैं। पश्चिम सीट से दो बार चुनाव हार चुके पूर्व राज्य मंत्री हरेन्द्र जीत सिंह ने इस बार भी दावेदारी ठोंकी थी।

उनके अलावा जबलपुर में निगमायुक्त रहे रिटायर्ड आईएएस वेद प्रकाश शर्मा भी टिकट के लिए हाथ-पैर मार रहे थे। नगर अध्यक्ष प्रभात साहू, युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डे, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साले दीपंकर बनर्जी भी दावेदारों की फेहरिस्त में थे। लेकिन सब नामों को पीछे धकेलते हुए पार्टी ने राकेश सिंह का नाम फाइनल कर दिया।
पहली सूची में यहां की पूर्व विधानसभा सीट से पूर्व विधायक अंचल सोनकर पर दांव खेला गया हैं। सोनकर को पार्टी लगातार टिकट देते आ रही हैं। जबकि इसी सीट पर वह दो बार हारे हैं। बावजूद इसके पार्टी ने उन्हें रिपीट किया। बरगी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी ने सिर्फ चेहरा बदला लेकिन टिकट एक ही परिवार की झोली में गई। पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह, जो पिछला चुनाव हारी थी, उनके बेटे नीरज सिंह ठाकुर को युवा प्रत्याशी के तौर पर उतारा गया।
चौथी लिस्ट में पनागर, पाटन और केंट सीट से पिछला चुनाव जीते चेहरें ही इस बार भी चुनाव मैदान में हैं। उत्तर मध्य विधानसभा सीट जो पिछले चुनाव में पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय रही, उसके साथ ग्रामीण सिहोरा सीट में प्रत्याशी चयन का सस्पेंस बना हुआ हैं। शहर की उत्तर विधानसभा में भी कई दावेदार हैं। पिछली बार राज्य मंत्री रहे शरद जैन को 600 से कम वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उनके बेटे की दावेदारी की चर्चा भी सुर्ख़ियों में रही। सिहोरा का गणित हर एक की समझ से परे हैं। वर्तमान विधायक नंदिनी मरावी पर ही बीजेपी भरोसा जताती हैं या फिर यहां का कैंडिडेट सरप्राइज मिलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।












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