इस शहर में भरेगा ‘खून का खजाना’, किल्लत की भरपाई करने वालों के लिए हैशटैग
जबलपुर, 06 सितम्बर: जानलेवा कोविडकाल के बाद मप्र के जबलपुर का सरकारी ब्लड बैंक खून की किल्लत से जूझ रहा था। इस बैंक के सहारे विपरीत परिस्थितियों में हर साल सैकड़ों लोगों को नई जिंदगी भी मिलती हैं। इसी बात का ख्याल रखते हुए खून के इस सरकारी खजाने को भरने जबलपुर रक्त दान के मेगा कैम्प से सजा रहेगा। बुधवार को कई जगहों पर आयोजित इस कैम्प के जरिए ब्लड डोनर्स से हजारों यूनिट ब्लड एकत्रित किया जाएगा।

जिला प्रशासन का अभियान
जबलपुर में लगभग दर्जनभर जगहों पर आयोजित होने जा रहे इस मेगा कैम्प को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. की पहल पर जिन स्थानों पर कैम्प आयोजित है, वहां रक्त संग्रह करने विशेष इंतजाम किए गए हैं। ख़ास बात यह है कि रक्तदाताओं में आम नागरिकों के अलावा कई शासकीय कमर्चारी अधिकारी भी शामिल हैं। जिन्होंने अपना ब्लड डोनेशन के लिए पहले से ही रजिस्ट्रेशन करा लिया हैं।

करीब साढ़े चार हजार डोनर्स ने कराया रजिस्ट्रेशन
शहर के अलग-अलग स्थनों में होने जा रहे इस मेगा आयोजन में शामिल होने लोगों में गजब का उत्साह हैं। लगभग साढ़े हजार रक्तदाताओं ने रक्त दान का पहले से ही अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। जिसमें लगभग 650 सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी शामिल है। रक्तदान के दौरान ऐसे शासकीय अशासकीय कर्मचारियों को ड्यूटी से मुक्त रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

2000 यूनिट ब्लड इकठ्ठा करने का लक्ष्य
जिला प्रशासन के मुतबिक रक्तदान शिविर के माध्यम से दो हजार यूनिट रक्त इकठ्ठा करने का लक्ष्य रखा गया हैं। बताया गया कि कोविड काल के बाद जिले के सरकारी ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गई थी। जिसकी पूर्ति हो जाने पर शहर के साथ आसपास के जिलों से आने वाले जरूरतमंद मरीजों को अन्य स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। 2000 यूनिट रक्त का स्टॉक बढ़ जाने से काफी आने वाले दिनों में प्रशासन को भी सहूलियत होगी।

बनाए गए सेल्फी प्वाइंट, हैशटैग करेगा ट्रेंड
शहर के जिन स्थानों पर कैम्प लगाए गए है, उन्हें ख़ास अंदाज में सजाया गया हैं। रंग बिरंगे गुब्बारों के साथ प्रवेश द्वार रंगोली से सजे मिलेंगे। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि हर कैम्प में सबसे पहले रक्त दाता का स्वागत होगा। इसके बाद डाक्टरों की टीम द्वारा उनकी जांच कर रक्त डोनेट करवाया जाएगा। इस आयोजन में रेडक्रॉस सोसायटी के अलावा कई सामाजिक संगठन भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे है। रक्तदाताओं को स्वयंसेवी कुछ संस्थाओं के द्वारा जूस पिलाने की व्यवस्था भी रखी गई है। इसके साथ ही सैल्फी प्वाइंट भी बनाए गए है, ताकि ब्लड डोनर अपनी सैल्फी लेकर अन्य नागरिकों को जागरूक कर सकें। सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने के लिए प्रशासन ने हैश टैग # Megablooddonationjbp बनाया हैं।

आपात स्थिति में वरदान से कम नहीं रक्तदान
कहा जाता है कि रक्तदान महादान... आपात स्थितियों में जरूरतमंद किसी व्यक्ति को यदि उसके ग्रुप का ब्लड मिल जाता है, तो उसके लिए अधिकांश बार वरदान साबित होता है। विशेषतौर पर थैलिसिमिया से पीड़ित बच्चों, एनीमिया की शिकार गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों को रक्त की ज्यादा जरुरत पड़ती हैं। ऐसे लोगों के लिए रक्त की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकें, यही प्रयास प्रशासन का हैं।












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