MP: शराब में भी मुनाफाखोरी, जबलपुर में सिंडीकेट बनाकर MPR से ज्यादा वसूलने वालों पर एक्शन
मध्य प्रदेश के जबलपुर में सिंडीकेट बनाकर MPR से ज्यादा कीमत में शराब बेचने वाले दुकानदारों की अब खैर नहीं। आबकारी डिपार्टमेंट ने 10 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की है।

Liquor Profiteering: मध्य प्रदेश में किसी तरह शराब अहातों पर ताले लगे तो अब ठेकेदारों ने सिंडीकेट बनाकर अंधी कमाई शुरू कर दी। जब प्रशासन को इसकी भनक लगी तो जबलपुर की दस शराब दुकानों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है। कारोबारियों को आबकारी विभाग ने नोटिस थमाए है।
दरअसल शराब की बोतलों पर एमआरपी और एमएसपी अंकित रहती है। एमआरपी यानि निर्धारित राशि से अधिक कीमत और एमएसपी यानि निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम कीमत पर विक्रय नहीं किया जा सकता। लेकिन जबलपुर में कई दुकानों में शराब MRP से ज्यादा कीमत में बेची जा रही थी।
आबकारी विभाग को जब इस मामले की शिकायत मिली और संबंधित दुकानों में सादी वर्दी में ग्राहक बनकर टीम शराब खरीदने पहुंची तो जानकारी पुख्ता हो गई। इस तरह एक साथ शहर के अलग-अलग इलाकों में दस दुकानों पर कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने ऐसी सभी दुकानों पर कड़ा एक्शन लेते हुए पंचनामा कार्रवाई की। सभी को नोटिस थमाए है। आबकारी विभाग का कहना है कि सिंडीकेट बनाकर मुनाफाखोरी हो रही थी। जिस पर अंकुश लगाने अब यह कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर ने सौरभ कुमार सुमन ने भी संबंधित विभाग को कार्रवाई जल्द पूरी करने कहा है।
सूत्रों के मुताबिक जबलपुर में सिंडीकेट बनाकर शराब के धंधे में मुनाफाखोरी का यह खेल लंबे वक्त से चल रहा है। एक अप्रैल से आहातों को सरकार ने बंद कर दिया है। अब कई आहाता कारोबारी भी ऐसी दुकानों में पेटी कॉन्ट्रेक्टर हो गए है। नियमित कार्रवाई न होने की वजह से ऐसे कारोबारी बेखौफ है।
इन दुकानों पर लिया गया एक्शन
कलेक्टर सौरव कुमार सुमन से की गई शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने गणेश चौक, ककर तलैया, मदन महल, मीरगंज, मानेगांव, मोटर स्टैंड, बल्देवबाग, विजय नगर, भानतलैया और घाना स्थित शराब दुकानों की जांच की गई थी। जांच में इन सभी दुकानों में गड़बड़ी पाई गई। जिस पर लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के नोटिस दिए गए हैं।












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