Ladli bahna yojana की पहली किश्त का बेसब्री से इंतजार, जबलपुर में बैंक खाते डीबीटी इनेबल्ड कराने मची होड़
Ladli Bahna Yojana beneficiary: एमपी में मुख्यमंत्री शिवराज की महत्वकांक्षी लाड़ली बहना योजना की पहली किश्त 10 जून को जारी होने जा रही हैं। जबलपुर में हितग्राहियों में बैंक अकाउंट डीबीटी इनेबल्ड कराने होड़ मची हुई हैं।

Ladli Bahna Yojana beneficiary: मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की पहली किश्त जारी होने में अब चंद दिन बचे हैं। उससे पहले पात्र महिला हितग्राहियों के बैंक खातों को डीबीटी इनेबल्ड कराया जा रहा हैं। ताकि किश्त जारी होते ही उनके खातों में 1000 रुपये प्रति माह राशि पहुंचना शुरू हो जाए।
जबलपुर में छुट्टी के दिन रविवार को भी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के शेष रह गये बैंक खातों को आधार से लिंक कराने और डीबीटी इनेबल्ड कराने सभी बैंक शाखाएं खुली रहीं। पूरा प्रशासनिक अमला भी इस कार्य में दिन भर लगा रहा। बैंक शाखाओं में रविवार को केवल लाड़ली बहना योजना के खातों का ही कार्य हुआ।
सभी बैंक शाखाओं को ऐसे बैंक खातों की सूची प्रदान की गई थी, जो डीबीटी इनेबल्ड नहीं हो पाये थे। उन महिलाओं को भी बैंकों में बुलाया गया था जिनके खाते डीबीटी इनेबल्ड नहीं हो पाये हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जिले में 3 लाख 81 हजार 369 महिलाओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन दर्ज कराये गये थे।
इनमें से करीब 7 प्रतिशत खाते तकनीकी वजहों से डीबीटी सक्रिय नहीं हो पाये हैं। कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने बैंक खातों को डीबीटी इनेबल्ड कराने अभियान के तौर पर कार्य करने के निर्देश संबंधित विभागों को और बैंक अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने इस कार्य में बैंक अधिकारियों से समन्वय के लिये प्रत्येक बैंक शाखा में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को तैनात किया है।
कलेक्टर सौरव सुमन ने वीडियो कांन्फ्रेसिंग के जरिए शेष रहे गये खातों को डीबीटी इनेबल्ड कराने में हुई प्रगति की शाम को समीक्षा भी की। उन्होंने आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर सभी शेष खातों को डीबीटी इनेबल्ड कराने के निर्देश व्हीसी में दिए। कलेक्टर ने व्हीसी में जुड़े अधिकारियों से कहा कि जिन महिलाओं के बैंक खाते अभी तक डीबीटी इनेबल्ड नहीं हुये हैं, उनसे संपर्क कर बैंक बुलाया जाए और डीबीटी इनेबल्ड न हो पाने की वजहों का पता लगाकर उसके समाधान निकाला जाये।
यदि अवेदिकाओं की ओर से रइ गई कमियों के कारण डीबीटी नहीं हो पाई है तो उन्हें दूर किया जाए। उन्होंने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत भी अधिकारियों को दी।












Click it and Unblock the Notifications