Jabalpur News: टीचर्स के ट्रांसफर से भगवान भरोसे स्कूली बच्चे, रिलीविंग ज्वाइनिंग में गुजर रहे दिन

(Jabalpur News) मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के थोकबंद तबादलों ने बच्चों की पढ़ाई की बैंड बजा दी हैं। बच्चे और टीचर्स दोनों रोज स्कूल तो पहुंच रहे है, लेकिन शिक्षक स्कूलों से अपनी रिलीविंग और ज्वानिंग में ही लगे है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही। बच्चे रोज पूछ रहे है कि मासाब, मैडम कब पढ़ाने कब आएंगी, यह बताने कोई तैयार नहीं।

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मप्र में इस बार सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के थोक के भाव हुए तबादलों ने स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी है। प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों तक यही हाल है। शिक्षा विभाग के पहले लिए गए फैसलों का कई जगहों पर शिक्षा विभाग ही पालन करते नहीं दिखा। सीएम राइज स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के तबादले नहीं किए जाने थे, लेकिन वहां के टीचर्स ने भी ऑनलाइन आवेदन किए और कई शिक्षकों को मनचाही जगह पर ट्रांसफर मिल गया। कई स्कूलों में तो सैकड़ों बच्चों की भीड़ में एक या दो शिक्षक ही बचे है। 21 अक्टूबर को स्थानांतरण आदेश जारी हुए थे, ऐसे शिक्षकों को अपने नए स्कूल में 15 दिन के भीतर ज्वाइनिंग अनिवार्य है। लेकिन छुट्टियों के बाद जबलपुर में करीब 80 फीसदी ऐसे शिक्षक अभी तक रिलीव ही नहीं हुए।

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जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि सभी को आदेश का पालन करना अनिवार्य है। यदि नियत तिथि तक स्थान्तरण वाले स्कूलों में संबंधित शिक्षक ज्वाइनिंग नहीं देंगे तो उनका तबादला निरस्त माना जाएगा। वही कुछ शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जिस स्कूल से रिलीव होना है, वहां के प्रिंसिपल रिलीव नहीं कर रहे। ज्वाइनिंग और रिलीविंग की इस अड़चन का असर स्कूल में पढ़ने आ रहे बच्चों पर पड़ रहा है। रोज वह जिस हालत में आते है, बिना पढ़े उसी हालत में घर लौट जाते है। इस वजह से ऐसे स्कूलों में तो कई बच्चों ने स्कूल जाना तक बंद कर दिया है।

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