BJP का ये कैसे रिटायर्ड IAS नेता है कि EC के निर्देश की नहीं परवाह? 'Exit Poll' का Video कर दिया पोस्ट
Exit poll 2023: भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की पोलिंग खत्म होने के आधे घंटे बाद तक किसी भी तरह से एग्जिट पोल जारी करने पर रोक लगाई थी। लेकिन मध्य प्रदेश में रिटायर्ड IAS वेद प्रकाश ने इससे पहले 'एग्जिट पोल' टाइटल के साथ एक वीडियो पोस्ट कर दिया।
यह वीडियो वेद प्रकाश ने अपने यूट्यूब पर 30 नवंबर को तेलंगाना में मतदान के एक दिन पहले यानि 29 नवंबर पोस्ट किया। जिसमें टाइटल दिया 'पत्रकारों के अनुसार एग्जिट पोल'। भाईसाब पॉडकास्ट एपिसोड 10 कवर इमेज लगाई गई। 53 मिनट 46 सेकंड के इस वीडियो में वेदप्रकाश जबलपुर के सीनियर जर्नलिस्ट और कुछ अखबारों के संपादकों के साथ चुनाव वोटिंग और मतगणना संबंधी चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

वेदप्रकाश ने ही इन पत्रकारों को आमंत्रित किया था। पत्रकार तो समझदार थे, लिहाजा बातचीत में मतगणना संबंधी जीत-हार या किसकी सरकार बन रही है, ऐसे कोई भी आंकड़े सुनाई नहीं दिए। लेकिन रिटायर्ड साहब ने अपने यूट्यूब चैनल पर जिस ढंग से टाइटल लिखा, उस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। एमपी कांग्रेस विधि एवं मानवाधिकार संगठन प्रभारी सतेन्द्र ज्योतिषी ने इसे आचार संहिता उल्लंघन के दायरे में बताया। उनका कहना है कि जिला निर्वाचन अधिकारी को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। क्योकि वेदप्रकाश बीजेपी से भी जुड़े है और 'पत्रकारों के अनुसार एग्जिट पोल' टाइटल देने की इनकी मंशा दूसरी जाहिर होती हैं।

इट इज नॉट एग्जिट पोल
कांग्रेस के आरोपों पर वेद प्रकाश ने कहा कि उनके द्वारा यूट्यूब पर प्रसारित वीडियो एग्जिट पोल नहीं हैं। पत्रकारों के साथ चुनाव को लेकर चर्चा हैं। आगे कहा कि रहा सवाल वीडियो के टाइटल का तो यूट्यूब पर इस तरह के बहुत सारे वीडियो मिल जाएंगे। वेद प्रकाश अपने इस कृत्य को आचार संहिता का किसी भी रूप में उल्लंघन नहीं मानते।

कई चुनाव भी कराए, नियमों से इतने अनजान?
खास बात यह है कि रिटायर्ड IAS वेद प्रकाश ने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुए कई चुनाव देखे होंगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वेदप्रक्काश के वीडियो की लिंक पर आम लोग भी कई तरह से प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोग कह रहे है कि क्या ये रिटायर साहब नेता निर्वाचन आयोग के नियम-निर्देशों की गंभीरता से बिल्कुल भी वाकिफ नहीं हैं, जब अभी ये हाल है तो भला अफसरी के वक्त क्या कुछ नहीं किया होगा? आयोग के सख्त निर्देशों को भी रिटायर कर दिया क्या?

जानिए कौन है वेद प्रकाश
वद प्रकाश 2013 से 2018 तक जबलपुर नगर निगम में आयुक्त के पद पर रहे। इसके बाद उन्हें नरसिंहपुर जिले में कलेक्टर बनाया गया था। जब रिटायर हुए तो उन्होंने जबलपुर में ही अपना डेरा जमा लिया फिर सियासी पारी शुरू करने ग्वालियर में बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद खुलकर जबलपुर में पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने सक्रिय नजर आए। पर टिकट वितरण के वक्त उनकी लॉटरी नहीं लग सकी। इससे पहले जनता के बीच बने रहने चाय कुंभ, नर्मदा स्वच्छता और अन्य सोशल वर्क में जहां-तहां समय गुजारा। लोकायुक्त ने नरसिंहपुर में उनके खिलाफ दिसंबर 2022 में एक केस भी दज किया था. जिसमें करप्शन के आरोप लगे हैं।












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