Jabalpur paschim vidhan sabha बीजेपी प्रत्याशी राकेश सिंह ने जारी किया दृष्टि पत्र, दिखेगा बदलाव
Jabalpur Paschim Vidhan Sabha: मध्य प्रदेश के जबलपुर की पश्चिम विधानसभा सीट में बीजेपी के सरप्राइज कैंडिडेट राकेश सिंह की कांग्रेस प्रत्याशी तरुण भनोत से कांटे की टक्कर हैं। यहां व्यक्तिगत तौर पर राकेश के साथ पार्टी के कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हैं।
नामांकन प्रक्रिया होने के बाद राकेश सिंह ने इस सीट के लिए अपना दृष्टि पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने शास्वत विकास का दृढ़ संकल्प लेते हुए कहा कि सन् 2004 में जब पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब मैंने जबलपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए 'दृष्टीपत्र' बनाया था।

आज जबलपुर में, फ्लाई-ओवर, मदन महल स्टेशन टर्मिनल, एयरपोर्ट का नया भवन, रिंग रोड जैसी अनेक परियोजनाएँ एक साथ चल रही हैं। इन सबका आधार वह दृष्टीपत्र ही है। पहले दस वर्ष, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए का शासन था। आवश्यक फंड्स उपलब्ध नहीं थे। इसीलिये इन सभी परियोजनाओं में इतना विलंब हुआ। यानि सन् 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार आने के बाद, इन सभी परियोजनाओं को गति मिली है।जिस प्रकार जबलपुर के विकास का ब्लू प्रिंट, दृष्टीपत्र के माध्यम से मैंने आपके सामने रखा था, उसी प्रकार जबलपुर (पश्चिम) के शाश्वत विकास का चित्र सामने रखा हैं।
दृष्टि-पत्रजबलपुर का पश्चिम विधानसभा क्षेत्र, हमारे महानगर का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हमारे जबलपुर पर सदैव अपनी कृपा बरसाने वाली मां नर्मदा के ग्वारीघाट और तिलवाराघाट जैसे पवित्र तट, इसी क्षेत्र में हैं। राकेश सिंह ने कहा है कि अनेक खूबियों को समेटे हुए इस विधानसभा क्षेत्र की अनेक समस्याएं भी हैं। इन समस्याओं का स्थायी और दीर्घकालीन निराकरण करने हेतु एक सर्व-समावेशक विकास की दृष्टि चाहिये।
राकेश सिंह बोले कि हमें जबलपुर पश्चिम को, प्रदेश का रोल मॉडल बनाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि लक्ष्य की प्राप्ति में आप सभी का पूर्ण सहयोग रहेगा और क्षेत्र की सूरत की बदलेगी।
अयोध्या नगरी के सरयू तट की तर्ज पर नर्मदा तटों का विकास
प्रभु रामचन्द्र जी का भव्य मंदिर जहाँ आकार ले रहा है, ऐसी अयोध्या नगरी में, पवित्र सरयू नदी के तटों को विकसित किया गया है। इन तटों पर आधुनिक सुविधायें तो हैं, साथ ही इन तटों की पवित्रता और परंपरा को भी अक्षुण्ण रखा गया है। इसी आधार पर हमारे ग्वारीघाट और तिलवाराघाट के समग्र विकास की योजना है। दोनों घाटों को और माँ नर्मदा जी की आरती को, भव्यता प्रदान की जाएगी। आने वाले दिनों में यह दोनों घाट, न केवल प्रदेश के वरन, अपने देश के आकर्षण के केन्द्र होंगे।
पश्चिम के पर्यटन स्थलों का विकास
अपने पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में, मात्र जबलपुर के लिए ही नहीं, वरन् पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं । उपेक्षित पड़े संग्राम सागर को हमने जिस प्रकार से स्वच्छ किया, उसका सौंदर्यीकरण किया, उसी प्रकार अन्य स्थानों का भी सर्वांगीण विकास करने की योजना है। पर्यावरण का पूरा ध्यान रखते हुए, इन सभी स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मदन महल पहाड़ी पर 100 करोड़ रूपये की राशि से रानी दुर्गावती का भव्य स्मारक बनाया जायेगा।
गतिमान जबलपुर- गतिशील पश्चिम
वर्ष 2014 से केंद्र में माननीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, भाजपा की सरकार आने के बाद, जबलपुर के विकास की अनेक परियोजनायें स्वीकृत होती गई और तेज गति से पूर्णता की ओर बढ़ने लगी। पश्चिम क्षेत्र में आज भी ट्रैफिक की समस्या है। अनेक रास्ते और चौराहे ऐसे हैं जहाँ दिन के विभिन्न समय, ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती है। जबलपुर पश्चिम के लिए "इंटिग्रेटेड ट्रैफिक प्लान" (समन्वित यातायात की योजना) बनाया है। अगले तीन वर्षों में, जबलपुर पश्चिम को 'गतिशील पश्चिम' बनाने का हमारा दृढ़ संकल्प है।
रोजगार का प्रमुख केंद्र
हमारी कल्पना में जबलपुर पश्चिम, यह रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनेगा। आईटी पार्क का विस्तार में अन्य बड़ी कंपनियों को लाने का अभियान चलाया जाएगा। सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए जबलपुर पश्चिम में स्किल सेंटर, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर तथा व्यवसाय मार्गदर्शक केंद्र चलाये जायेंगे। 'जबलपुर पश्चिम के अधिकाधिक युवाओं को रोजगार, यही हमारा लक्ष्य है।
दृष्टि पत्र में राकेश सिंह ने कई और बिंदु शामिल किए हैं, जो इस प्रकार हैं-
- आबादी बस्ती का नियमितीकरण
- जल प्लावन की समस्या से छुटकारा-
- तालाबों का सौन्दर्यीकरण
- सब्जी मण्डी को व्यवस्थित करना
संसदीय कार्यकाल में हुए कार्य
●1100 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण।
●400 करोड़़ रुपए की लागत से आई. टी. पार्क की स्थापना जिसमें फेस 1 में 63 एकड़ में स्थापित लगभग 1 लाख वर्गफुट के अत्याधुनिक भवन में 12 कंपनियां संचालित हैं, जिससे लगभग 2000 युवाओं को रोजगार मिला है। फेस 2 में 1 लाख वर्ग फुट का भवन निर्माणाधीन है जिसमें लगभग 2000 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
● 125 करोड़ रुपए की लागत से जबलपुर स्थित मदन महल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की परियोजना का कार्य प्रारंभ।
●मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना।
●ऐतिहासिक संग्राम सागर का उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण।
●40 करोड़़ रुपए की लागत से सगड़ा-लम्हेटा-भेड़ाघाट सड़क का निर्माण।
●लगभग 4000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली देश की दूसरी और म.प्र. की सबसे लंबी 118 कि.मी. रिंग रोड का निर्माण प्रारंभ।
●450 करोड़ रुपए की लागत से डुमना विमानतल को आधुनिक स्वरूप देने नई टर्मिनल बिल्डिंग, एप्रॉन, एटीसी टॉवर व रनवे का विस्तार।
●ट्रांसपोर्ट सिस्टम में शामिल रेलवे स्टेशन से सदर-गोरखपुर-ग्वारीघाट तक व सिविक सेंटर से बड़ा फुहारा-बल्देवबाग होते हुए अधारताल तक केबिल कार संचालन की योजना स्वीकृत।
●जबलपुर में फूड एवं क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा।
●साइंस सेंटर एवं तारामंडल की स्थापना हेतु स्वीकृति।
●10 करोड़ रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम निर्माण हेतु स्वीकृति।
●देश के पहले जियोलॉजिकल पार्क स्थापना की स्वीकृति।












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