Jabalpur News: जेल में नशा के सौदागरों को पकड़ने सरकार को दो वक्त, हाईकोर्ट में दायर याचिका ली गई वापस

(Jabalpur News) मध्यप्रदेश के सेन्ट्रल जेलों में कैदियों तक पहुंच रहे मादक पदार्थों के मामले में कार्रवाई करने सरकार को पर्याप्त वक्त मिलना चाहिए। इस आशय के साथ हाईकोर्ट ने पिछले दिनों दायर एक याचिका को वापस लेने का आग्रह स्वीकार कर लिया। दरअसल रीवा निवासी एक अधिवक्ता ने रीवा और जबलपुर जेल में कैदियों से बरामद मादक पदार्थों पर याचिका दायर की थी।

court

सरकार को कार्रवाई करने का पर्याप्त वक्त दिए बगैर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका वापस ले ली गई है। इस सिलसिले में याचिकाकर्ता रीवा निवासी अधिवक्ता मुनिराज उर्फ़ पवन तिवारी ने रीवा और जबलपुर जेल के उदाहरण दिए थे। जहां जेल में बंद कैदियों के पास से मादक पदार्थ बरामद हुए थे। याचिका में कहा गया था था कि रीवा जेल में कैदियों के पास से बीड़ी और सिगरेट मिली। इसी तरह जबलपुर जेल में जेल प्रहरी के मोज़े के अन्दर गांजे की पुड़ियाँ कैदियों के लिए ले जाई जा रही थी। जिससे जेल के अंदर नशे को बढ़ावा मिल रहा है।

याचिका के जरिए यह भी आरोप लगाए गए थे कि दस रुपए की तम्बाकू की पुड़िया सौ रुपए और उससे अधिक कीमत पर बेंची जा रही है। इस तरह एक बड़ा गिरोह संचालित हो रहा है। याचिका पर जब कोर्ट में सुनवाई हुई तो पाया गया कि याचिकाकर्ता ने इस मामले में सरकार को एक अभ्यावेदन भी दिया था। लेकिन कार्रवाई के लिए वक्त दिए बगैर ही याचिका दायर कर दी गई। जिसके बाद अदालत में फिर सुनवाई हुई और याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने का आग्रह किया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। आपको बता दें कि जेल विभाग मुख्यालय से प्रदेश की सभी जेलों में सख्ती बरतने निर्देश जारी किए गए है। संदिग्ध जेल प्रहरियों या पुलिस जवानों के जरिए नशे का सामान कैदियों तक मुहैया कराने वालों पर नजर रखी जा रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+