Jabalpur News: हाईकोर्ट लेटरकांड की एडवोकेट अनुराग साहू ने रची थी साजिश ? दो वकील समेत मुंशी अरेस्ट
(Jabalpur News) मप्र हाईकोर्ट में पिछले दिनों एडवोकेट अनुराग साहू के शव को रखकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस जांच सार्वजनिक करने की मांग उठ रही थी। अधिवक्ता अनुराग साहू द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम की वजहों पर भी सवाल उठ रहे थे। पुलिस ने इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर बड़ा खुलासा किया है। एएसपी गोपाल खांडेल ने कोर्ट में पोस्ट किए गए लेटर से भी पर्दा उठा दिया। पुलिस के मुताबिक कूटरचित शिकायती पत्र मृतक अधिवक्ता और उसके दो साथियों तैयार कराया गया था।

दुष्कर्म के आरोपी टीआई संदीप अयाची का मामला
जबलपुर में पदस्थ रहते हुए टीआई संदीप अयाची पर एक महिला आरक्षक ने दुष्कर्म समेत कई गंभीर आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई थी। जिसके बाद आरोपी टीआई को पुलिस ने गिरफ्तार किया और वह न्यायिक अभिरक्षा में अभी जेल में है। आरोपी की जमानत अर्जी निचली अदालत से खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। जिसमें संदीप की पत्नी वैशाली अयाची ने पति की जमानत अर्जी की सुनवाई के लिए एडवोकेट अनुराग साहू को नियुक्त किया था।

जमानत के लिए वैशाली ने नियुक्त किया सीनियर एडवोकेट
आरोपी संदीप के जमानत मामले की सुनवाई के लिए बाद में उसकी पत्नी ने अनुराग साहू की जगह सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त को नियुक्त कर लिया था। घटना वाले दिन जब दोपहर को इस मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई तो अनुराग महिला आरक्षक की ओर से बहस के लिए खड़े हुए और मनीष दत्त आरोपी की ओर से। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान जमानत के प्रकरण में दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच तर्क पेश करते वक्त तीखी बहस हुई। जिसमें जज के सामने गोपनीय लेटर का जिक्र भी किया गया।

30 सितंबर को हाईकोर्ट में हुई आगजनी, तोड़फोड़
30 सितंबर को दुष्कर्म के मामले में आरोपी टीआई संदीप अयाची की जमानत अर्जी की सुनवाई पूरी होने के बाद एडवोकेट अनुराग साहू ने घर जाकर ख़ुदकुशी कर ली थी। यह खबर लगते ही अधिवक्ताओं का समूह मृतक का शव लेकर हाईकोर्ट परिसर पहुंच गए। जहां उग्र प्रदर्शन हुआ। गुस्साएं अधिवक्ताओं पर तोड़फोड़, आगजनी के आरोप भी लगे। संदीप अयाची के वकील मनीष दत्त के चेंबर में आग भी लगा दी गई। प्रदर्शनकारी वकीलों ने अनुराग के सुसाइड को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे।

पुलिस जांच में पता चली लेटर की साजिश
कोर्ट में अलग-अलग तारीख पर महिला आरक्षक के नाम पहुंचे शिकायती पत्र और घटना की वजह की जब पुलिस ने जांच शुरू की तो बाते उजागर हुई। एएसपी गोपाल खान्डेल के मुताबिक महिला आरक्षक के कथन और राज्य परीक्षक प्रश्नास्पद प्रालेख म.प्र. शासन की रिपोर्ट के अनुसार उक्त शिकायत महिला आरक्षक द्वारा नही भेजी गयी थी। पुलिस ने जांच के आधार पर उन शिकायतों को कूटरचित बताया है, जो मृतक अनुराग साहू और उसके साथी अधिवक्ता ओमकार पटेल द्वारा अपराधिक षड्यंत्र के तहत तैयार की गई थी।

CCTV फुटेज से मिले कई सबूत
पुलिस ने बताया कि इस मामले में महिला आरक्षक के नाम से अलग-अलग तारीख को शिकायती पत्र कोर्ट को पोस्ट किए गए, उसके CCTV फुटेज खंगाले गए। जिनका परीक्षण करने पर पता चला कि संबंधित लेटर अनुराग के साथी वकील ओमकार पटेल, शिव नारायण उर्फ पप्पू विश्वकर्मा और राजा चौधरी ने पोस्ट किए थे। दोनों लेटर 16 और 22 सितंबर को शहर के अलग अलग पोस्ट ऑफिस जाकर पोस्ट किए गए।

केस दर्ज, आरोपी दो वकील समेत मुंशी गिरफ्तार
पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले में लेटरकांड में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। जिसमें बताया गया कि अधिवक्ता स्व. अनुराग साहू द्वारा संदीप अयाची के परिवार से अनैतिक रूप से छल पूर्वक अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त करने के मकसद से शिकायती आवेदन पत्र भेजे थे। महिला आरक्षक के नाम से दोनों लेटर में संदीप अयाची टीआई द्वारा जमानत में 25 लाख रूपये की घूस देने की शिकायत थी। जांच के बाद पुलिस ने मृतक अनुराग साहू समेत उसके दो साथी अधिवक्ता और मुंशी को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दोनों अधिवक्ता और मुंशी को धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के गिरफ्तार भी कर लिया।
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