MP News: जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के बेटे की दिल्ली में हीट स्ट्रोक से हुई मौत, CM मोहन यादव ने जताया दुख
MP Jabalpur News: निजी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए मशहूर हुए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के किस वर्षीय बेटे अमोल सक्सेना की हीट स्ट्रोक के चलते दिल्ली में मौत हो गई। अमोल दिल्ली में फिल्म स्टडीज की पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि हीट स्ट्रोक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के 21 वर्षीय बेटे अमोल सक्सेना का रविवार को दिल्ली में निधन हो गया। अमोल दिल्ली में फिल्म स्टडीज का कोर्स कर रहे थे। हालांकि हीट स्ट्रोक के चलते उनकी मौत हुई है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से होगी।

रविवार की सुबह, अमोल सक्सेना के केयरटेकर दिल्ली में उन्हें देखने गए, जहां उनकी हालत चिंताजनक थी। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया।
अमोल की हालत के खराब होने की सूचना पर कलेक्टर दीपक सक्सेना नागपुर से दिल्ली जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन उन्हें पहुंचते ही उनके बेटे की मौत की खबर मिल गई। कलेक्टर दीपक सक्सेना फिर जबलपुर लौट आए। सोमवार को अमोल का शव एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली से जबलपुर लाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। अमोल की शनिवार को तबियत खराब हो गई थी।
दिल्ली में पढ़ाई कर रहे थे अमोल सक्सेना
जबलपुर कलेक्टर के बेटे अमोल सक्सेना दिल्ली में फिल्म स्टडीज से संबंधित कोई कोर्स कर रहे थे। कलेक्टर दीपक सक्सेना की एक बेटी भी है, जो दिल्ली में ही प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है। दीपक सक्सेना मूल रूप से जबलपुर के निवासी हैं।
कलेक्टर दीपक सक्सेना के बेटे के निधन की जानकारी लगते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सिविल लाइन स्थित कलेक्टर के बंगले पर पहुंचने लगे। संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा, आईजी अनिल कुशवाह समेत डीआईजी, एसपी और कई अधिकारी कलेक्टर बंगले पहुंचे।
सीएम डॉ मोहन यादव ने दुख जताया
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के बेटे अमोल सक्सेना के निधन पर सीएम डॉ मोहन यादव ने अपना दुख जताया है।जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना जी के युवा और होनहार पुत्र अमोल सक्सेना के असामयिक देहावसान का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत की पुण्य आत्मा को शांति प्रदान कर अपने चरणों में स्थान दें।
दीपक सक्सेना 2010 बैच के IAS अधिकारी हैं, जो फिलहाल जबलपुर में कलेक्टर पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह नरसिंहपुर जिले के भी कलेक्टर रह चुके हैं। उन्होंने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभियान चलाया है। कोर्स की किताबें, यूनिफॉर्म, और अन्य शिक्षण सामग्री के नाम पर अभिभावकों से मनमानी राशि वसूलने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर कलेक्टर ने ऐसे स्कूलों से अभिभावकों को 81.30 करोड़ रुपए की फीस वापस कराई है, साथ ही 22 लाख रुपए की पेनाल्टी भी लगाई गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर 51 लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है, जिनमें स्कूलों के चेयरमैन, प्राचार्य, सीईओ, मैनेजर, सदस्य, एडवाइजर समेत 20 लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं।












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