Madhya pradesh में कितने हैं Tiger? गोल्डन जुबली ईयर के प्रोग्राम में मैसूर में जारी होंगे आंकड़े
वन्य प्राणी प्रेमियों के लिए नौ अप्रैल का बेसब्री से इंतजार हैं। जब पीएम मोदी देश के विभिन्न राज्यों में बाघों की ताजा संख्या के आंकड़े जारी करेंगे।

How many Tigers in Madhya pradesh: मध्य प्रदेश में कितने बाघ हैं, इसके आंकड़े नौ अप्रैल को पता चल जाएंगे। पीएम मोदी मैसूर में टाइगर प्रोजेक्ट की गोल्डन जुबली ईयर के आयोजन में ये आंकड़े घोषित करेंगे। एमपी में 10 नेशनल पार्क और 6 टाइगर रिजर्व हैं।
टाइगर स्टेट के दर्जे से फेमस रहा मध्य प्रदेश के सिर यह तमगा क्या बरक़रार रहेगा? यह आने वाले कुछ दिनों में तय हो जाएगा। नवम्बर 2021 से अप्रैल 2022 तक करीब 6 महीने चले बाघों की गणना के ऑफिशियल आंकड़े 9 अप्रैल को मैसूर में घोषित होंगे। बताया जा रहा है कि इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टाइगर प्रोजेक्ट की 50 वीं वर्षगाँठ की कड़ी में बाघों के आंकड़े जारी करेंगे। इस आयोजन को लेकर ख़ास तैयारियां की जा रही हैं। वाइल्ड लाइफ इतिहास के नजरिए से भी टाइगर प्रोजेक्ट की गोल्डन जुबली ईयर ख़ास हैं। जानकारों के मुताबिक एमपी में बाघों की गिनती का ग्राफ 700 के ऊपर पहुंचने की संभावना जताई जा रही हैं।

आपको बता दें कि देश सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क जहां टाइगर मौजूद हैं, उनकी गणना हुई थी। बाघ संरक्षण की दिशा में बाघ प्राधिकरण भी कई प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा हैं। मध्य प्रदेश में वन संपदा में दस नेशनल पार्क और 6 टाइगर रिजर्व भी शामिल हैं। टाइगर गणना में टाइगर रिजर्व में मौजूद टाइगर की संख्या का आंकलन है। इसके अलावा नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य सागर और माधव नेशनल पार्क शिवपुरी में भी कुछ बाघ मौजूद हैं। यदि इन बाघों की संख्या को भी जोड़ दिया जाएगा तो बाघ की मप्र में संख्या और बढ़ जाएगी।

बताया गया कि बाघ की गणना के लिए वन अमले के 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी विशेषज्ञों की मदद ली गई थी। 9 हजार बीटों में जंगल में ट्रांजिट लाइन खींचकर बाघ, तेंदुआ, भालू सहित अन्य शाकाहारी और मांसाहारी वन्यप्राणियों की गिनती हुई थी। ट्रैप कैमरे भी लगाए गए, ताकि उसमें बाघों की गिनती कैप्चर हो सकें।
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