इंडिया में ‘टाइगर प्रोजेक्ट’ की ‘गोल्डन जुबली’, 50 साल में 3 हजार से अधिक हुए बाघ
केंद्र सरकार द्वारा 1973 में लागू किया गया टाइगर प्रोजेक्ट आज पूरे 50 साल का हो गया। पहले चरण में देश में 9 टाइगर रिजर्व बनाए गए थे, एक-एक कर इनकी संख्या बढ़ी गई और वर्तमान में देश में 53 टाइगर रिजर्व मौजूद हैं

देश में राजशाही आखेट और वन्य प्राणियों के अंगों के अवैध कारोबार से देश में टाइगर खत्म होने की कगार पर पहुंच गए थे। केंद्र की सरकार ने बाघों को बचाने के लिए टाइगर प्रोजेक्ट तैयार कर इसे 1 अप्रैल 1973 को लागू किया था। इसकी कमान देश में टाइगर मैन के नाम से ख्यात अधिकारी कैलाश सांखला को सौंपी गई थी। बाघों की मौजूदगी वाले 9 वन अभयारण्यों को पहले चरण में टाइगर रिजर्व बनाकर बाघ संरक्षण प्रारंभ किया गया था। टाइगर प्रोजेक्ट की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में देश में दुनिया में बाघों की कुल आबादी में 70 फीसदी बाघ हमारे देश में मौजूद हैं।

भारत का टाइगर प्रोजेक्ट 50 साल पूरे कर चुका है। बाघों के संरक्षण के प्रारंभ किया गया टाइगर प्रोजेक्ट अब आगे निकल चुका है। देश में 9 बाघ अभयारण्य से प्रारंभ होकर प्रोजेक्ट 53 टाइगर रिजर्व तक पहुंच चुका है। इसमें मध्य प्रदेश का कान्हा टाइगर रिजर्व भी बनाया गया था। इसके अलावा कुछ नेशनल पार्क और वन्य प्राणी अभयारण्य ऐसे हैं, जिनमें बाघ पुनस्र्थापन प्रोग्राम के तहत बाघ छोड़े गए हैं और यहां प्राकृतिक आवास में बाघों की संख्या बढ़ रही है। टाइगर प्रोजेक्ट के तहत देश में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथाॅरिटी (एनटीसीए) का गठन भी डेढ़ दशक पहले किया गया था। वर्तमान में सारे टाइगर प्रोजेक्ट की कमान एनटीसीए संभाल रही है। देश में वर्तमान में 3000 से अधिक बाघ मौजूद हैं, जिनमें से 50 फीसदी बाघ देश के मध्य प्रदेश, केरल और बिहार राज्यों में मौजूद हैं।

मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व और बाघों की संख्या
1- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व - 220 बाघ
2- कान्हा टाइगर रिजर्व - 149 बाघ
3- पंेंच टाइगर रिजर्व - 129 बाघ
4- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व - 90 बाघ
5 - पन्ना टाइगर रिजर्व - 83 बाघ
6- संजय टाइगर रिजर्व - 35 बाघ
---------------------------

:- छह टाइगर रिजर्व में कुल बाघ 701 मौजूद हैं
---------------------------
मप्र में यहां भी बाघ मौजूद हैं
नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य सागर- 12 बाघ मौजूद हैं
माधव नेशनल पार्क शिवपुरी में 3 बाघ मौजूद हैं
टाइगर प्रोजेक्ट और टाइगर रिजर्व व टाइगर से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- देश में 53 टाइगर रिजर्व मौजूद हैं
- भारत में बाघों की वर्तमान में अनुमानित आबादी 3 हजार से अधिक है।
- देश में 2010 में 1706, 2014 में 2226 तो 2018 में 2967 बाघ मौजूद थें
- देश में साल 2022-23 की गणना के आंकड़े आने के बाद 3 हजार से अधिक बाघ होंगे।
- भारत में दुनिया में बाघों की कुल आबादी के 70 प्रतिशत बाघ रहते हैं।
- बीते 8 सालों में बाघों की आबादी 74 प्रतिशत तक बढ़ी है।
- आंकड़ों के मुताबिक हर साल देश में 9 प्रतिशत बाघ बढ़ रहे हैं।
- देश में कुल बाघों की संख्या का 50 फीसदी हिस्सा मप्र, बिहार और कर्नाटक में हैं।
- देश के 20 राज्यों में टाइगर रिजर्व मौजूद हैं। इनमें ही बाघों की संख्या करीब 3 हजार मानी गई है।
- देश के 3 राज्यों एमपी, कर्नाटक, बिहार में 1500 से अधिक बाघ मौजूद हैं। 2018 में संख्या 1492 थी।
- छत्तसीगढ़ इकलौता राज्य हैं जहां बीते सालों में बाघों की आबादी सबसे ज्यादा घटी या कम हुई है।
Recommended Video
देश के टाइगर रिजर्व की सूची
देश में वर्तमान में कुल 53 टाइगर रिजर्व मौजूद हैं। इनमें बांदीपुर कर्नाटक, काॅर्बेट उत्तराखंड, कान्हा एमपी, मानस असम, मेलघाट महाराष्ट्र, पलामू झारखंड, रणथंभौर राजस्थान, सिलीपाल ओडिशा, सुंदरबन पश्चिम बंगाल, पेरियार केरल, सरिस्का राजस्थान, बुक्सा पश्चिम बंगाल, इंद्रावती छत्तीसगढ़, नमदाफा अरुणाचल प्रदेश, नागार्जुन सागर आंध्र प्रदेश, दुधवा तमिलनाडु, वाल्मीकि बिहार, पेंच मध्य प्रदेश, तदोभा अंधारी महाराष्ट्र, बांधवगढ़ मध्य प्रदेश, पन्ना मध्य प्रदेश, डम्पा मिजोरम, भद्र कर्नाटक, पेंच एचएम महाराष्ट्र, पक्के अरुणाचल प्रदेश, नामेरी असम, सतपुड़ा मध्य प्रदेश, अनामलाई तमिलनाडु, उदंती सीतानदी छत्तीसगढ़, सतकोशिया ओडिशा, काजीरंगा असम, अचानकमार छत्तीसगढ़, काली कर्नाटक, संजय धुबरी मध्य प्रदेश, मुदुमलई तमिलनाडु, नागरहोल कर्नाटक, परम्बिकुलम केरल, सह्याद्री महाराष्ट्र, बिलीगिरी रंगनाथ मंदिर कर्नाटक, कवल तेलंगाना, सत्यमंगलम तमिलनाडु, मुकुंदरा राजस्थान, नवेगांव नागझिरा महाराष्ट्र, अमराबाद तेलंगाना, पीलीभीत उत्तर प्रदेश, बीओआर महाराष्ट्र, राजाजी उत्तराखंड, ओरंग असम, कमलांग अरुणाचल प्रदेश, श्रीविल्लिपुथुर तमिलनाडु, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व राजस्थान, रानीपुर टाइगर रिजर्व उत्तर प्रदेश।












Click it and Unblock the Notifications