Jabalpur से ED ने बर्खास्त बिशप पीसी सिंह को किया अरेस्ट, करोड़ों की विदेशी फंडिंग समेत कई गंभीर आरोप
प्रवर्तन निदेशालय की भोपाल टीम ने चर्च लैंड स्केम के आरोपी पूर्व बिशप पीसी को अरेस्ट कर लिया है। जबलपुर में कार्रवाई के बाद कोर्ट से 20 अप्रैल तक रिमांड मिली है। आरोपी को भोपाल ले जाया गया।

ED arrests sacked Bishop PC Singh from Jabalpur: धर्मांतरण के बाद क्रिश्चियन बने पूर्व बिशप पीसी सिंह को आख़िरकार ईडी ने भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोर्ट में पेश में किया गया, जहां से 20 अप्रैल तक की रिमांड में ईडी की टीम पीसी सिंह को भोपाल ले गई।
विदेशी फंडिंग समेत कई गंभीर आरोपों के तहत पीसी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। 12 अप्रैल को पूछताछ के लिए भोपाल हाजिर होने कहा गया था। लेकिन आरोपी ने किसी तरह का कोई सहयोग नहीं किया।

आय से अधिक संपत्ति और चर्च लैंड स्केम जैसे कई गंभीर आरोपों के तहत बर्खास्त बिशप पीसी सिंह के घर पर ईओडब्ल्यू ने छापा मारा था। जहां से करीब पौने दो करोड़ नकद और 18 हजार विदेशी करेंसी बरामद हुई थी। बाद में लगभग पौने दो सौ बैंक खातों का भी पता चला था। जिसमें लाखों का ट्रांजेक्शन और एफडी भी मिली। विदेशी फंडिग संबंधी कई सबूत मिले, जिसकी गहराई से पड़ताल होने पर प्रवर्तन निदेशालय ने केस किया था। फिर पिछले महीने भोपाल से आई ईडी की टीम ने कार्रवाई की थी।


कोर्ट से 20 अप्रैल तक पीसी सिंह रिमांड पर है। आरोपी को जबलपुर से भोपाल ले जाया गया हैं। जहां फॉरेन मनी के ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ होगी। पीसी सिंह के खिलाफ जबलपुर के अलावा अन्य राज्यों में भी कई केस दर्ज हैं। सीएनआई के मॉडरेटर और बिशप पद पर रहते हुए पीसी सिंह पर बेशकीमती जमीन अपने नाम या फिर धोखाधड़ी कर बेचने का आरोप लगा। शैक्षिणिक संस्थाओं की फीस गबन करने का भी आरोप हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में यह तथ्य भी उजागर हुए कि खुद अपनी मर्जी से अनाधिकृत रूप से पीसी सिंह ने चेयरमैनशिप का कार्यकाल बढ़ा लिया था। कई चर्च की कई जमीने अपने नाम ट्रांसफर करा ली गई। उम्मीद जताई जा रही है कि रिमांड अवधि में ईडी द्वारा पीसी सिंह से होने वाली पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।












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