E-Challan: एमपी में गाड़ी चलाते हो तो भर दो जुर्माना, चूके..तो न बीमा होगा और न ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू
एमपी में वाहन चलाते वक्त यदि आपने भी ट्रैफिक रुल तोड़ा है और चालान आया है, तो उसका जुर्माना फ़ौरन भर दें। दरअसल पुलिस परिवहन विभाग नियमों को और सख्त करने जा रहा हैं।

E-Challan: यदि आप मध्य प्रदेश में कोई व्हीकल चलाते हैं और ट्रैफिक रुल का उल्लंघन करने पर ई-चालान हुआ है तो बिना देर किए जुर्माना भर दो। कभी भी आप मुश्किल पड़ सकते हो। क्योकि पुलिस और परिवहन विभाग नियमों को और सख्त करने जा रहा हैं। पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के एडीजी के मुताबिक जुर्माना न भरने वाले लोगों के वाहनों का न तो ट्रांसफर हो सकेगा और न ही बीमा हो पायेगा। इतना ही नहीं गाड़ी का रजिस्ट्रेशन ख़त्म होने पर रिन्यू भी नहीं होगा।

ट्रैफिक रुल तोड़ने वालों सावधान
देश के दूसरे कई राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी ट्रैफिक रुल का पालन कराने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनजमेंट सिस्टम लागू है। जबलपुर समेत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य बड़े शहरों में प्रमुख चौराहों को हाई क्वालिटी सीसीटीवी से लैस किया गया हैं। यातायात नियमों का मखौल उड़ाने वाले लगातार कैमरों में कैद हो रहे हैं। चालान भी भेजे जा रहे है, लेकिन 75 फीसदी लोगों ने जुर्माना अभी तक जमा नहीं किया। कुछ तो ऐसे है जिनका कई सालों से बकाया चला आ रहा है और अभी भी ट्रैफिक रुल तोड़ते ही जा रहे हैं।

पुलिस और परिवहन विभाग बरतेगा सख्ती
पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के एडीजी जी. जनार्दन ने बताया कि परिवहन विभाग के साथ नया प्लान तैयार किया जा रहा हैं। पुराने नियमों को और कड़ा किया जाएगा। साथ ही कुछ और नियम भी जोड़े जाएंगे। इसके पीछे विभाग का उद्देश्य है कि वह नियमों का पालन करें। इससे सबसे बड़ा फायदा वाहन चालक को ही है। ट्रैफिक सेन्स डेवलेप होगा, तो सड़क हादसों में भी कमी आएगी। साथ ही इससे शहर को व्यवस्थित होने भी मदद मिलेगी।

न बीमा होगा और न ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू
एडीजी जी जनार्दन के मुताबिक बीमा कंपनियों से भी बीतचीत की जा रही हैं। मुख्यालय स्तर पर वेबसाईट प्रदेश भर के आरटीओ दफ्तर में रजिस्टर्ड वाहनों की जानकारी लिंक होगी। नए नियमों के बाद जुर्माना न भरने वालों के वाहनों का न तो बीमा और न ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू होगा। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिए जाएंगे।

75 फीसदी वाहनों का जुर्माना बकाया
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2022 के आंकड़ों पर गौर करे तो सात शहरों में लगभग सात लाख पन्द्रह हजार वाहनों के चालान बने। इनमे से महज पौने दो लाख वाहन स्वामियों ने अपने चालान की जुर्माना राशि का भुगतान किया हैं। लगभग 75 फीसदी वाहन चालक पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। उनके रजिस्टर्ड पते पर दो से तीन बार चालान भेजे गए। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भी फॉरवर्ड हुए, लेकिन राशि का भुगतान करने तैयार नहीं।

वाहन चालकों की ये भी समस्या
दूसरा पक्ष वाहन चालकों का भी हैं। जबलपुर के विजयनगर में रहने वाले आशीष राजपूत का कहना है कि चालान में भेजी रही तस्वीरें कई दूसरे व्यक्ति के वाहन की रहती हैं। इसके अलावा सिग्नल जम्प न करने वाले कई चालकों को भी चालान भेज दिए गए। जरुरी ही कि पहले यह हाईटेक व्यवस्था तकनीकी रूप से दुरस्त हो, उसके बाद ही नए नियम बनाए जाए।












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