CBI के रडार पर MP के नर्सिंग कॉलेज, जबलपुर पहुंची टीम, मान्यता संबंधी फर्जीवाड़े का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता संबंधी याचिका पर सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत एक टीम जबलपुर में कई कॉलेजों की जांच कर रही हैं।

CBI started investigation in MP's Nursing College: मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में अब सीबीआई जांच शुरू हो गई है। ग्वालियर से ६ सदस्यीय टीम ने जबलपुर में धावा बोला और रानी दुर्गावती कॉलेज प्रबंधन से जानकारी खंगाली गई। कई अन्य कॉलेज की मान्यता से संबधित जांच हो रही हैं।
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने एमपी हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के बाद नर्सिंग कॉलेजों पर शिकंजा कसा है। प्रदेश भर में 364 नर्सिंग कॉलेज जांच के दायरे में है। आरोप है कि तय मापदंडों के खिलाफ कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
इस सिलसिले में ग्वालियर हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई के तहत 12 मई को रिपोर्ट पेश होना है। जबलपुर के 21 नर्सिंग कालेज रडार पर है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ जब सीबीआई का दल पहुंचा तो कॉलेज के स्टाफ में हड़कंप मच गया।
भौतिक सत्यापन कर पता किया जा रहा है कि मान्यता संबंधी गाइड लाइन के अनुरूप कॉलेज में कितनी सुविधाएं है? इसके अलावा स्टाफ, अध्यापन की फैसिलिटी और जरुरी सुविधाएं कितनी हैं? सभी बिंदुओं से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी मांगी गई है।
आपको बता दें हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में प्रदेश के सैकड़ों नर्सिंग कॉलेजों को लेकर कई तरह के गंभीर आरोप है। छात्रों के फर्जी एडमिशन समेत शासन से नर्सिंग स्टूडेंट्स को मिलने वाले लाभ में गोलमाल की भी शिकायत की गई थी।
जांच में शामिल 364 कॉलेजों में से कई कॉलेज राजनीतिक दलों से जुड़े बड़े नेताओं के भी है। कुछ ऐसे कॉलेज भी है जो किराये के एक-दो कमरे में संचालित है। जांच में यह भी फीस संबंधी जरुरी बातों की भी पड़ताल हो रही हैं। छात्रों की फीस कब जमा की गई। फीस एक साथ तो जमा नहीं हुई। उपस्थिति पंजी में कितनी निरंतरता है। अस्पताल में प्रशिक्षण लेने वाले नर्सिंग विद्यार्थियों रिकार्ड है या नहीं। किस माड्यूल में किस बैच में कितने छात्रों को ट्रेनिंग दी गई।












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