BJP leader sana khan हत्याकांड में पति ने नार्को टेस्ट करवाने से किया मना, नागपुर-जबलपुर पुलिस को नया चैलेंज
BJP leader sana khan hatyakand: नागपुर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की पदाधिकारी सना खान उर्फ हिना मर्डर केस महाराष्ट्र और एमपी दोनों ही राज्यों की पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा हैं। हत्यारे आरोपी पति को अरेस्ट करने के बाद बड़ी मुसीबत अब तक सना की लाश न मिलना हैं। जिसके बलबूते पूरा केस टिका हैं।
वारदात हुए पूरा एक माह गुजर गया। जबलपुर में कई दफा डेरा डालकर नागपुर पुलिस भी जबलपुर से लेकर होशंगाबाद, सीहोर, खंडवा तक नर्मदा नदी में शव खोजती रही। लेकिन अब तक सुराग के रूप में डेड बॉडी का एक तिनका तक नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी का नार्को टेस्ट कराने का फैसला लिया था।
नागपुर के मानकापुर थाना की इंचार्ज शुभांगी वानखेड़े ने बताया कि सना खान की हत्या करना कबूलने वाला आरोपी पति अमित साहू लगातार अपने बयान बदल रहा हैं। उसके द्वारा नदी में जहां जैसे लाश फेंकने के बारे में बताया गया, गहराई से पड़ताल की, लेकिन शव का कही कोई सुराग नहीं लगा। बदलते बयानों के बीच पुलिस ने आरोपी का नार्को टेस्ट कराने के लिए अदालत में आवेदन दिया था।

जहां आरोपी अमित साहू की ओर से टेस्ट कराने में असहमति दर्ज कराई। कानूनी कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने पुलिस के इस आवेदन को निरस्त कर दिया। शुभांगी वानखेड़े का कहना है कि अब सेशन कोर्ट में भी अपील की जाएगी। इसके अलावा यदि आवश्यकता पड़ी तो आगे भी जाया जाएगा। क्योकि वारदात में अब तक की हुई जांच में लाश छोड़कर बाकी सभी सबूत जुटा लिए गए हैं। क्राइम एक्सपर्ट का भी मानना है कि हत्या के मामले में आरोपी की कठोर सजा के लिए शव का बरामद होना बेहद जरुरी हैं। जिस तरह आरोपी ने नार्को टेस्ट कराने से इंकार कर दिया, वह कोर्ट के ट्रायल में पुलिस को दिए अपने बयानों से भी मुकर सकता हैं। उलटे पुलिस पर इल्जाम लगा सकता हैं।












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