Jabalpur Fire: अब मेडिकल में बड़ा अग्निकांड टला, बच्चा वार्ड में मची भगदड़ शार्ट सर्किट से लगी आग
जबलपुर, 08 अगस्त: प्राइवेट हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जबलपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल हॉस्पिटल में भी बड़ा अग्निकांड होते-होते टला। सोमवार को यहां ऑक्सीजन प्लांट को बिजली सप्लाई करने वाले विद्युत पोल में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे नजदीक में बच्चा वार्ड में लगा AC भी धुंआ छोड़ने लगा। बिजली का स्विच बोर्ड भभक उठा। जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ देर में आग पर काबू पा लिया गया।

फिर मचा आग से हडकंप, बड़ा हादसा टला
कुछ दिनों पहले शहर के न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में जनरेटर की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ था। जिससे लगी भीषण आग में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। उसके बाद शहर के निजी अस्पतालों की जांच तो चल रही है, लेकिन स्वास्थ्य महकमे अपने अस्पताल में हुए इस हादसे ने व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। ये तो गनीमत रही है कि वक्त रखते यहां लगी आग पर काबू पा लिया गया।
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ऑक्सीजन प्लांट के पास बिजली खंबे में हुआ शॉर्ट सर्किट
बताया जा रहा है कि अस्पताल में जहाँ ऑक्सीजन प्लांट है, उसमें जिस खंबे से बिजली सप्लाई होती है, उसमें अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। जिससे निकलती चिंगारियों ने आग का बड़ा रूप ले लिया। शॉर्ट सर्किट का असर इस खंबे से अस्पताल के बच्चा वार्ड तक पहुंचा। बिजली के तार धू-धूंकर जलने लगे। वार्ड में लगा AC धुंआ छोड़ने लगा, जिससे वार्ड में भर्ती बच्चों के परिजन घवरा गए और चीख-पुकार मच गई।

बच्चों को दूसरे वार्ड में कराया गया शिफ्ट
बढ़ती आग पर काबू पाने के लिए एक तरफ भाग दौड़ मची थी, तो दूसरी तरफ वार्ड में भर्ती बच्चों को सुरक्षित निकालकर अलग वार्ड में ले जाया गया। जो जिस हाल में था परिजन पहले अपने बच्चों को लेकर भागे। लेकिन थोड़ी देर बाद सीज फायर की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। तब कही जाकर मरीज और परिजनों ने राहत की सांस ली।

मौके पर पहुंचे कलेक्टर कमिश्नर
जब यह घटना हुई, उस वक्त शहर में भाजपा पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ दिला रहे थे। सूचना मिलते ही फ़ौरन कलेक्टर और कमिश्नर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल पहुंचे। तब तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था। प्रशासन ने इस घटना को बड़ी गंभीरता से लिया है। कलेक्टर और कमिश्नर ने इस मामले की जांच कराए जाने के निर्देश दिए है।

दुरुस्त नहीं है बिजली लाइनें, हर वक्त खतरा
इस घटना के बाद मेडिकल और जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी को लेकर भी सवाल उठाना शुरू हो गए है। मरीज के परिजनों ने भी आरोप लगाए कि कई वार्ड में बिजली के तार खुले हुए है, स्विच बोर्ड में भी अक्सर स्पार्किंग का खतरा बना रहता है। वही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी संबंधी इंतजामों की नियमित जांच होना चाहिए। साथ ही बिजली संबंधी उपकरणों, तार, स्विच बोर्ड बगैरह की ठीक ढंग से रखरखाव किया जाए।












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