Jabalpur: अग्निकांड के बाद 12 और प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस रद्द, IMA ने भी खत्म की सदस्यता
जबलपुर, 04 अगस्त: न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल अग्नि हादसे के बाद नींद से जागा प्रशासन अब कार्रवाई करने मैदान में है। गुरूवार को जबलपुर जिले के 12 और प्राइवेट हॉस्पिटल के लाइसेंस रद्द कर किए गए। इन सभी अस्पतालों के पास भी न तो फायर एनओसी है और न ही निर्धारित मापदंडों को ये पूरा कर रहे है। सीएमएच ने अब तक कुल 25 अस्पतालों के पंजीयन निरस्त किए है।

निर्धारित मापदंडों को पूरा किए बगैर अस्पताल का धंधा
जबलपुर में हुए भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की जान लीलने वाले न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बाद अन्य अस्पतालों पर नकेल कसी जा रही है। एक दिन पहले 12 प्राइवेट हॉस्पिटल में कई खामियों के चलते उनके पंजीयन रद्द किए थे। गुरूवार को भी कार्रवाई जारी रही है और 12 अतिरिक्त अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजय मिश्रा के अनुसार ये सभी हॉस्पिटल नियमों की अनदेखी करते हुए अस्पताल का संचालन कर रहे थे। जांच में पाया गया कि इनके पास न तो फायर NOC है और कई मापदंडों को पूरा किए बगैर हॉस्पिटल संचालित करते आए।
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इन 12 अस्पतालों के भी पंजीयन हुए रद्द
12 और जिन अस्पतालों का पंजीयन निरस्त किया गया है उनमे शहर के 9, ग्रामीण क्षेत्र बरगी में 1 और कटंगी के 2 हॉस्पिटल शामिल है।
छाबड़ा हॉस्पिटल गुरंदी रोड, रॉयल हॉस्पिटल गढ़ा रेलवे क्रांसिंग, डॉ.कपिल नर्सिग होम डीएन जैन स्कूल के सामने, खिदमत हॉस्पिटल आधारताल, सिद्धी विनायक हॉस्पिटल नेपियर टाऊन, अग्रवाल नेत्र चिकित्सालय राईट टाऊन, सिंधु नेत्रालय ग्वारीघाट, मिडास हॉस्पिटल आधारताल, मेडीलाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल मनमोहन नगर, बरगी स्थित राधाकृष्ण हॉस्पिटल एवं कटंगी स्थित श्री हेल्थ केयर हॉस्पिटल एवं एन व्ही हॉस्पिटल हैं।

नए मरीजों की भर्ती पर रोक
स्वास्थ्य महकमे ने लाइसेंस रद्द वाले अस्पतालों में नए मरीजों की भर्ती पर रोक भी लगाई है। इसके साथ ही अस्पताल संचालकों को हिदायत दी गई है कि पहले से जो मरीज भर्ती है, उनका बिना किसी लापरवाही से समुचित इलाज होता रहे। यदि किसी भी रूप में इन जगहों पर नए मरीजों का भर्ती होना पाया गया तो दोषियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।

IMA ने भी 12 अस्पतालों की सदस्यता की ख़त्म
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा निजी अस्पतालों के खिलाफ उठाए जा रहे क़दमों का आईएमए ने भी स्वागत किया है। एसोसियेशन के जबलपुर ईकाई के अध्यक्ष अमरेन्द्र पांडे ने कलेक्टर को एक पत्र भी सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि आगे भी जो अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ करें उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रखी जाए। एसोसियेशन मरीजों की सुरक्षा के मसले पर हर तरह से प्रशासन के साथ है।












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