Bageshwar Dham पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंची बच्ची की मौत, जबलपुर में अर्जी लगाने पहुंचा था पिता
कथा सुनाकर और अर्जी का दिव्य दरबार लगाकर लोगों के संकट दूर करने का दावा करने वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कथा पंडाल में डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस इस मामले में मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।

Bageshwar Dham Pandit Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इन दिनों मध्य प्रदेश के जबलपुर में कथा चल रही हैं। दिव्य दरबार भी लगा, जिसमें अर्जी लगाने हजारों लोगों का हुजूम उमड़ा। परेशान लोगों के संकट दूर होने के दावों के बीच कटनी जिले से डेढ़ साल की एक बच्ची को लेकर एक पिता भी पहुंचा। कथा पंडाल में मां की गोद में ही बच्ची की सांसे थम गई। पिता का कहना है कि पंडित जी के दर्शन करना चाहता था, ताकि बीमार बच्ची ठीक हो सकें। फिलहाल मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं।

कथा पंडाल में बच्ची की मौत
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा का रहने वाला मनोहर पटेल जबलपुर में बागेश्वरधाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंचा था। वह पत्नी के साथ अपनी 15 महीने की बच्ची को लेकर भी पहुंचा, जिसकी काफी समय से तबीयत ख़राब थी। उसे पंडित जी के दरबार का पता चला। मनोहर पटेल का कहना है कि वह बागेश्वर धाम भी गया था, ताकि उसकी बच्ची ठीक हो जाए। लेकिन वहां उसकी अर्जी नहीं लगी। पनागर में कथा आयोजन की खबर लगने पर दोबारा फिर इसी भरोसे से पहुंचा कि उसकी परेशानियों की पंडित जी सुनवाई करेंगे। दर्शन होने पर बच्ची भी स्वस्थ हो जाएगी। लेकिन सब कुछ इसके उलट हुआ। कथा पंडाल में मां की गोद में बैठी बच्ची की मौत हो गई।

पुलिस ने कही यह बात
एडिशनल एसपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि कथा पंडाल में डेढ़ महीने की देवांशी अपनी मां की गोद बेसुध पड़ी थी। वहां मौजूद पुलिस स्टाफ की जब उस पर नजर पड़ी तो उसे हॉस्पिटल भिजवाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत किस वजह से हुई, फिलहाल अभी इसका खुलासा नहीं हो सका हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। वहीं आयोजन में लाखों लोगों की भीड़ जुट रही हैं। इस मामले में अभी तक आयोजकों और कथा वाचक धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया हैं।

पहले भी हो चुकी मौते
आपको बता दें इन दिनों पंडित धीरेंद्र शास्त्री चमत्कारिक कथा वाचक के रूप में प्रसिद्द हैं। कथा के माध्यम से उनके बयान भी हर रोज चर्चाओं में रहते हैं। दिव्य दरबार में अर्जी के माध्यम से लोगों का भविष्य बताने के साथ उनके कष्ट निवारण का दावा भी हो रहा हैं। यही सुनकर मनोहर भी परिवार के साथ पीड़ित बच्ची को लेकर यहां पहुंचा था। इससे पहले छतरपुर में भी एक श्रद्धालु की मौत हो गई थी। नवम्बर में भिंड जिले में भगदड़ मचने से बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया था। एक बार फिर शास्त्री जी के दावों के बीच इस बच्ची की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे।

बढ़ती शोहरत और सत्य !
देश में और भी कई कथा वाचक हैं। लेकिन कम उम्र और कम वक्त में इतनी प्रसिद्धि पाने वाले कथा वाचकों में धीरेंद्र का नाम ज्यादा चर्चा में हैं। आयोजन वाले शहर में शास्त्रीजी के विश्राम स्थल परिसर में भी पूरी रात भक्तों का हुजूम इकठ्ठा रहता हैं। वीआईपी लोगों की आवाजाही बनी हुई हैं। हर किसी को उनकी शक्ति को जानने की जिज्ञासा हैं, जिसके बलबूते वह सामने वाले व्यक्ति की जिंदगी से जुड़ी बातों का पर्चा पढ़कर बता देते हैं। सोशल मीडिया यूजर कह रहे हैं कि यदि यह सब सत्य है तो फिर उनके दरबार में डेढ़ साल की बच्ची की तरह पहुँचने वाले लोगों की जिंदगी क्यों नहीं बच रही है?












Click it and Unblock the Notifications