‘स्वामीजी का सेंसर’! बॉलीवुड फिल्मों में नहीं चलेगा हिंदुओं का अपमान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की दो टूक
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फिल्म सेंसर बोर्ड की तरह बॉलीवुड फिल्मों और सीरियल पर निगरानी रखने एक धार्मिक समिति बनाई है। जो फिल्म सीरियल के सीन-संवाद पर नजर रखेगी कि कही हिंदुओं की भावनाओं को आहत तो नहीं कर रहे है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित समिति पुरजोर विरोध करेगी। जबलपुर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने समिति बनाने के पीछे की वजह भी गिनाई। उनका कहना है कि ऐसी विवादास्पद स्थितियों से बचने सरकार का जो बोर्ड है, वह गंभीर नहीं है।

बॉलीवुड हो, टॉलीवुड या फिर कोई सीरियल वीडियो..यदि उनके दृश्यों, संवाद में हिन्दू, देवी देवताओं के अपमान से जुड़ी कोई बात प्रदर्शित हुई तो उनकी अब खैर नहीं रहेगी। सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्म सीरियल बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई करे चाहे न करे, लेकिन संत समाज अब ऐसे लोगों से निपटेगा। इसके लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक धार्मिक समिति बनाए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि इसकी जरुरत इसलिए आई क्योकि लगातार हिन्दू धर्म और देवी देवताओं के अपमान प्रयास जारी है। फिल्मों में आपत्तिजनक धार्मिक सीन संवाद दिखाकर हिन्दू धर्म को अपमानित किया जा रहा है। ऐसे दोषियों से निपटने के लिए उनकी समिति कड़े फैसले लेगी।
दरअसल पिछले कुछ महीने पहले साउथ की कई मूवीज और सीरियल में कई संवाद सामने आए है। जब हिन्दू संगठनों ने उसका विरोध किया और शिकायत की गई तो फिल्म सेंसर बोर्ड और सरकार के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए। इससे ऐसी आपत्तिजनक फिल्म बनाने वाले अन्य लोगों को और बल मिला। शंकराचार्य के इस बयान के बाद मप्र में सियासी बयान भी सामने आए। मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय सिंह बोले कि हिन्दू धर्म के सबसे बड़े धर्म गुरु को जब यह कदम उठाना पड़ रहा है, तो इसका मतलब सरकार की नाकामी है। अजय सिंह ने प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयानों का भी जिक्र किया, जिसमें कई बार नरोत्तम यह बोलते नजर आए कि फिल्म बनाने वाले हिन्दू धर्म को ही क्यों निशाना बनाते है?












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