जबलपुर रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे अग्निवीर, ऐसे में कैसे बनेगा यहां हैलीपेड और फाइव स्टार होटल
जबलपुर, 19 सितंबर: तस्वीरों में खुबसूरत दिखने वाले मध्यप्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर यदि आप लिफ्ट का उपयोग कर रहे है, तो सावधान रहे। लिफ्ट पर दाखिल होने के बाद आप उसमें कई घंटों के लिए फंस सकते है। ये वही स्टेशन है जिसे हाईफाई बनाने, यहां हेलीपेड और फाइव स्टार होटल का निर्माण प्रस्तावित है। अग्निवीर भर्ती में शामिल होने आए तीन युवक ढाई घंटे तक इसमें फंसे रहे। जरा सोचिए यदि इनकी जगह इसमें कोई मरीज होता तो उसका क्या हाल हो सकता था?

हाईफाई रेलवे स्टेशन की ऐसी लिफ्ट
पश्चिम मध्य रेल जोन मुख्यालय के जबलपुर रेलवे स्टेशन की लिफ्ट यात्रियों के लिए नासूर बन गई है। रात के वक्त इस स्टेशन पर पहुंचे तीन युवक लिफ्ट में दाखिल हुए। लेकिन उसमें से बाहर निकलने तक इनके होश उड़े रहे। दरअसल रात के वक्त यह घटना हुई थी। तीनों युवक जबलपुर में चल रही अग्निवीर भर्ती में शामिल होने आए थे। इसी दौरान वह प्लेटफ़ॉर्म की सीढ़ी की बजाय लिफ्ट में सवार हो गए। ताकि स्टेशन के बाहर की ओर जा सकें। पर लिफ्ट बीच में ही फंस गई।

कटनी और सिंगरौली जिले के रहने वाले युवक
लिफ्ट में फंसे युवकों ने अपने नाम गोविंद सिंह, बृजेश कुमार शाह और दीपक कुमार शाह बताए, जो मप्र के कटनी और सिंगरौली जिले के रहने वाले है। उनका कहना था कि वह लिफ्ट के अंदर से तेज आवाज भी लगा रहे थे, लेकिन बीच में लिफ्ट फंसी हुई थी और यह आवाज बाहर लोगों तक नहीं पहुंची। बाद में लिफ्ट के दरवाजे को जब पीटना शुरू किया, तब लोगों को पता चला कि कोई लिफ्ट में फंसा है।

फंसे युवकों को बाहर निकालने में लग गए ढाई घंटे
दूसरे यात्रियों ने इस घटना की खबर रेल प्रशासन को दी। जिसके बाद स्टेशन की देखरेख करने वाली टीम मौके पर पहुंची और लिफ्ट में फंसे युवकों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे फ़ौरन दरवाजे को खोलकर युवकों को बाहर निकाला जा सके। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट के दरवाजे को टेम्पर किया, तब कही जाकर युवक बाहर निकल पाए। युवकों ने बताया कि जितने वक्त वह लिफ्ट के अन्दर थे, कुछ देर के लिए घुटन जैसी भी होने लगी थी। युवक इतने दहशतजदा दिखे और रेल प्रशासन की व्यवस्थाओं को दोषी ठहराया।

ऐसी कैसी सुविधा जो बन रही दुविधा
पमरे मुख्यालय के इस स्टेशन की इस दशा को देखकर दूसरे यात्री भी हैरान हैं। हर कोई यह कहता नजर आया कि रेल प्रशासन सुविधा के नाम पर दुविधा दे रहा हैं। वही जानकार बताते है कि ठीक ढंग से रखरखाव न होने की वजह इस स्टेशन की लिफ्ट की ऐसी दुर्दशा है। इस बारे में रेलवे अधिकारियों से मीडिया ने बात करने की कोशिश की तो कोई भी जबाब देने तैयार नहीं हुआ। गनीमत रही कि ऐसी आपात स्थितियों से निपटने में नाकाम रेलवे की इस लिफ्ट में कोई गंभीर मरीज नहीं फंसा, नहीं तो ढाई घंटे में उसका क्या हाल हुआ होता, आप इसका अंदाजा लगा सकते है।

स्टेशन के ऊपर बनना है हैलीपेड और फाइव स्टार होटल
ताज्जुब इस बात का है कि इसी स्टेशन को और आधुनिक करने की योजना है, जिसमें हैलीपेड और फाइव स्टार होटल का निर्माण प्रस्तावित है। ऐसे हालातों में जब स्टेशन की लिफ्ट और एस्केलेटरों का ठीक ढंग से रखरखाव नहीं हो रहा, तो आने वाले वक्त अन्य सुविधाएँ कितनी असरकारक रहेंगी यह बड़ा सवाल है। आधुनिकीकरण की दौड़ में मशगूल रेलवे को जरुरी है कि ऐसी समस्याओं को गंभीरता से ले, वरना किसी दिन ऐसी समस्याएं बड़े हादसे का रूप भी ले सकती है।












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