300 किमी के फुटेज खंगाले, तब पकड़े गए 5 करोड़ 50 लाख की गोल्ड ज्वेलरी चुराने वाले तीन चोर
जबलपुर, 31 अगस्त: गोल्ड शो रूम से करीब 10 किलो गोल्ड के जेवरात चोरी की वारदात का खुलासा हो गया है। एमपी के जबलपुर में इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले चोर शहर के ही निकले, जिन्होंने लगातार एक महीने शो-रूम की रैकी के बाद वारदात का प्लान बनाया। पुलिस गिरफ्त में आए तीन आरोपियों के कब्जे से लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपए कीमत की गोल्ड ज्वेलरी बरामद कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों में वारदात का मास्टर माइंड एक आरोपी कर्ज से परेशान था।

पायलवाला गोल्ड शो रूम में हुई थी वारदात
आजादी का पर्व मनाकर जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे, उसी रात इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था। कॉमर्शियल सुपर मार्केट इलाके में स्थित पायलवाला गोल्ड शो-रूम में 16 अगस्त की सुबह चोरी का पता चला था। पुलिस के लिए इसका खुलासा करना बड़ा चुनौती था। क्योकि आरोपी शो-रूम में लगे CCTV का DVR तक निकाल ले गए थे। इसके अलावा आधे से ज्यादा गोल्ड ज्वेलरी छोड़कर भागे थे। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वायड की टीम की भी मदद ली गई, लेकिन कई दिनों तक पुलिस के हाथ खाली ही रहे।
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वारदात के पहले रैकी, बनाया रोड मैप
जबलपुर के जिस इलाके में यह गोल्ड शोरूम है, उस रोड के दोनों तरफ साइड की कई तंग गलियां हैं। शोरूम में भी साइड गली की तरफ शटर, चैनल गेट से घटना को अंजाम दिया गया। मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि आरोपियों ने करीब एक माह रैकी की थी। इसके साथ ही सुरक्षित ढंग से भागने का रोड मैप भी बनाया था, ताकि किसी भी सूरत में पकडे न जाए।

खंगाले गए 300 किमी के CCTV फुटेज
शहर सीमा से लगे लगभग नौ नाके हैं। वारदात का पता चलने के बाद पुलिस ने सभी दिशाओं में अपनी टीम सक्रिय की। स्थिति यह बनी कि वाराणसी हाइवे तक लगभग 300 किमी दूरी के CCTV फुटेज खंगाले गए। जिसमें पाया गया कि वारदात का सरगना गुलाम मुस्तफा अपने दो साथियों, बैजुद्दीन और आरिफ के साथ इनोवा गाड़ी में सवार था। पुलिस गुमराह हो सकें, इसके लिए कई रास्तों से होते हुए आरोपी कोसमघाट पहुंचे, जहां झाड़ियों में बोरी में भरे जेवरात छिपा दिए। वहां से ये भेड़ाघाट पहुंचे और गाड़ी खड़ी कर अपने घर चले गए। फिर अपनी बाइक से जेवरात भरी बोरी लेने पहुंचे। जिसके बाद तीनों ने चोरी के माल का बंटवारा किया।

कोविडकाल में कंगाली फिर कर्ज ने बना दिया चोर
वारदात का मास्टर माइंड गुलाम मुस्तफा कोरोनाकाल के पहले पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री का धंधा करता था। बाद में कोविड पीरियड में इसका कारोबार ठप्प हो गया। इनोवा गाड़ी का कर्ज था, जिसके भुगतान के लिए वसूली वाले परेशान कर रहे थे। एक झटके में कर्ज चुकने के साथ रातों रात अमीर बनने के ख़्वाब ने अब गुलाम को सलाखों के पीछे भेज दिया हैं।

जबलपुर के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी
ADGP उमेस जोग ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की वारदातों में जबलपुर की यह सबसे बड़ी चोरी है। जिसका महज 15 दिनों के भीतर खुलासा करने में सफलता मिली। जिस प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया गया था, उससे चोरों का पता लगाना कड़ी चुनौती था। आरोपियों की गिरफ्तारी पर ADGP, SP और सर्राफा एसोसियेशन की ओर कुल 2 लाख 81 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
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