खीर में मरे मेढक के बच्चे ने मचाया तहलका, जारी करवा दिए तीन को नोटिस
जबलपुर, 31 अगस्त: कहने के लिए वो मेढक का मरा हुआ बच्चा था, लेकिन मासूमों की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा था। एक दिन पहले मप्र के जबलपुर में सरकारी प्राइमरी स्कूल में वितरित हुए मिड-डे मील में यह परोसा गया था। जिसके बाद हड़कंप मच गया था। बताया गया कि बच्चों को गरम खीर परोसी जा रही थी, तभी पहली ही थाली में उसके साथ मरा हुआ मेढक का बच्चा दिखाई दिया । इसके बाद मौके पर पहुंची तीन सदस्यीय जांच टीम ने 3 लोगों को नोटिस जारी किए है।

मिड-डे मील में सामने आई लापरवाही
मंगलवार को जबलपुर के रामपुर नया गांव स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल में यह मामला सामने आया था। शुरू में तो अधिकारी मामले की लीपापोती में जुट गए थे, बाद में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. और जिला पंचायत सीईओ डॉ सलोनी सिडाना ने जांच के निर्देश दिए। स्कूल में जब बच्चों को मिड डे मील परोसा जा रहा था, तभी एक बच्चे की थाली में खीर के साथ मरा हुआ मेढक का बच्चा दिखाई दिया। जिसे देखकर बच्चे थाली छोड़कर भाग खड़े हुए।

शुरुआती जांच में ये बताई वजह
बच्चों के खाने में मेढक मिलने की घटना के काफी देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। पड़ताल में यह बात सामने आई कि स्कूल के पास सीवर लाइन का काम चलने की वजह से मध्यान्ह भोजन पहुंचाने वाला वाहन 100 मीटर दूर खड़ा हो गया था। जिसकी वजह से खाने के कंटेनर को स्कूल तक पैदल ले जाने के बीच खीर में मेढक गिर गया होगा। इस स्कूल में मिड डे मील वितरित करने वाली समिति ने दलील दी कि खीर बहुत गरम थी, लिहाजा कंटेनर का ढक्कन खोलकर ले जाया गया।

भोजन बनाने वाली संस्था समेत 3 को नोटिस
प्रारंभिक तौर पर की गई जांच में जो तथ्य सामने आए उसके आधार पर प्रशासन ने मिड डे मील बनाने वाली संस्था समेत स्कूल के हेडमास्टर और भोजन परोसने वाली सहायिका को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीर कृत्य माना है। नोटिस का जबाब आने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

अन्य स्कूलों में रुकवाया गया भोजन वितरण
मध्यान्ह भोजन बनाने वाली संस्था आंकाक्षा समग्र विकास समिति के जरिए जिन स्कूलों में भोजन वितरित किया जाता था, वहां कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने मिड डे मील में खीर के वितरण पर रोक लगा दी गई थी। बच्चों को भी जब इस बात का पता चला कि एक स्कूल में खीर में मेढक मिला, तो कई बच्चों ने खाना ही नहीं खाया। बच्चों के अभिभावकों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की हैं, उनका कहना है कि आए दिन भोजन में कई तरह की गड़बड़ियाँ हो रही है। इस बार तो लापरवाही की सारी हदें पार कर दी गई।












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