अरुणाचल पर भारत के समर्थन में आया अमेरिका, चीन ने फिर की थेथरई, क्या जवाब देगी मोदी सरकार?
साल 2017 के बाद से चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 33 स्थानों के नाम बदल दिए हैं। वहीं, चीन अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए नत्थी वीजा भी जारी करता है।

Arunachal Pradesh India China and America: भारत की कड़ी आपत्ति के बाद भी चीन ने अरूणाचल प्रदेश पर एक बार फिर से अपना दावा किया है। चीन ने कहा है, कि अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों के नाम बदलने का उसके पास 'संप्रभु' अधिकार है। जिसके बाद अमेरिका भारत के साथ खड़ा हो गया है।
चीन की थेथरई
चीन ने दो दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों के नाम बदल दिए थे और चीन की मंदारिन भाषा में उसके नामकरण कर दिए थे, जिसके बाद भारत की तरफ से कड़ी आपत्ति जताई गई थी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि "ज़ंगनान (अरुणाचल प्रदेश का चीनी नाम) चीन के क्षेत्र का हिस्सा है"।
चीन ने अरूणाचल पर क्या कहा
चीन ने कहा, कि "राज्य परिषद के भौगोलिक नामों के प्रशासन की प्रासंगिक शर्तों के अनुसार, ज़ंगनान के कुछ हिस्सों के नाम चीनी सरकार के सक्षम अधिकारियों ने मानकीकृत किया है। ।यह चीन के संप्रभु अधिकारों के भीतर है।" जबकि, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मंगलवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहेगा। अरुणाचल में कुछ स्थानों का नाम बदलने के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में, अरिंदम बागची ने कहा, कि "हमने ऐसी रिपोर्ट देखी हैं। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह का प्रयास किया है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं।"
अमेरिका ने दिया भारत का साथ
अरिंदम बागची ने आगे कहा, कि "अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविच्छेद्य अंग है, और हमेशा रहेगा। आविष्कृत नामों को देने का प्रयास इस वास्तविकता को नहीं बदलेगा।" वहीं, व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा, कि, संयुक्त राज्य अमेरिका भारतीय क्षेत्र, अरुणाचल प्रदेश पर दावा करने के चीन के प्रयासों का "मजबूती से विरोध" करता है। अमेरिका ने कहा, कि "यह भारतीय क्षेत्र पर चीनी दावे का एक और प्रयास है। इसलिए जैसा कि आप जानते हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने लंबे समय से उस क्षेत्र को मान्यता दी है, और हम इलाकों का नाम बदलकर क्षेत्र के दावे को आगे बढ़ाने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध करते हैं"।
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33 जगहों के नाम बदल चुका है चीन
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने कहा, कि "यह ऐसी चीज है जिस पर हम लंबे समय से कुछ चीजों पर टिके हुए हैं"। अमेरिका ने चीन के कदमों की संख्य निंदा की है। वहीं, आपको बता दें, कि साल 2017 के बाद से चीन अरूणाचल प्रदेश के 33 जगहों के नाम बदल चुका है। जिसके बाद मांग की जा रही है, कि भारत सरकार की तरफ से सख्त प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में चीनी मंत्रालय द्वारा घोषित भौगोलिक नामों का यह तीसरा बैच है। सबस पहले 2017 में 15 जगहों के नाम बदले गये थे, जबकि 2021 में 6 जगहों के और अब 2023 में 11 जगहों के नाम बदले गये हैं।












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