आतंकी यासिन मलिक की पत्नी जाएगी यूनाइटेड नेशन, कश्मीर पर प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए पाकिस्तान की नई खुराफात
टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पत्नी मुशाल मलिक को पाकिस्तान में हाल ही बनी केयरटेकर सरकार में मंत्री बनाया गया था। मुशाल को मानवाधिकारों और महिला सशक्तिकरण पर प्रधानमंत्री का विशेष सहायक बनाया गया।
अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में मुशाल मलिक को भेज सकता है। पाकिस्तान सरकार के ऐसा करने के पीछे उसका उद्देश्य कश्मीर को लेकर उसके एजेंडे को हवा देना है। दरअसल पाकिस्तान को उम्मीद है कि वो मुशाल के जरिए संयुक्त राष्ट्र में अपने लिए कुछ सहानुभूति हासिल कर पाएगा।

मुशाल मलिक ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ पाकिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी से मंगलवार को मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान मुशाल और जिलानी के बीच कश्मीर मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाने पर सहमति जताई गई।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री जिलानी ने एक्स पर लिखे अपने बयान में कहा, 'मैंने मुशाल मलिक का स्वागत किया। हमारे बीच विदेश मंत्रालय और मानवाधिकार मंत्रालयों के बीच सहयोग बढ़ाने और कश्मीर में चल रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई।'
विदेश कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि ये चर्चा विदेश मामलों और मानवाधिकार मंत्रालयों के बीच सहयोग बढ़ाने और संयुक्त राष्ट्र महासभा के आगामी सत्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के दृष्टिकोण को पेश करने पर केंद्रित थी। इस दौरान मुशाल हुसैन मलिक की बेटी रजिया सुल्ताना भी अपनी मां के साथ थी।
यानि कि अब पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में मुशाल मलिक को भी ले जाने की तैयारी कर रहा है। इस मुलाकात के दौरान मुशाल और पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारतीय कश्मीर में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन पर भी जहर उगला।
मुशाल मलिक ने भी ट्वीट करके कहा कि उसने कश्मीर के बारे में पाकिस्तानी विदेश मंत्री से बात की है। आपको बता दें कि पिछले साल 24 मई को एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही मुशाल अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भारत के खिलाफ जहर उगल रही है।












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