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Yahya Sinwar: इजराइली हमले में मारा गया खान यूनिस का कसाई, याह्या सिनवार कौन था, हमास के लिए कितना बड़ा झटका?

Yahya Sinwar: याह्या सिनवार मर चुका है और इस बात की घोषणा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की है। अगस्त में याह्या सिनवार ने हमास के पूर्व प्रमुख इस्माइल हानिया की मौत के बाद उसकी जगह ली थी, जिसकी 31 जुलाई को ईरान में हत्या कर दी गई थी।

हालांकि, इजराइल ने अभी तक इस्माइल हानिया की मौत की जिम्मेदारी नहीं ली है। उसकी हत्या ईरान में की गई थी, जब वो ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने गया था।

yahya sinwar

इजराइल ने 61 साल के याह्या सिनवार पर 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया है, जिसने हमास के सैन्य प्रमुख मोहम्मद डेफ के साथ मिलकर चल रहे युद्ध को जन्म दिया था।

आखिर ये याह्या सिनवार कौन था और उसे "खान यूनिस का कसाई" क्यों कहा जाता था, आइये जानते हैं।

याह्या सिनवार की मौत के बारे में हम क्या जानते हैं?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली डिफेंस फोर्स ने हमास नेता याह्या सिनवार की मौत की घोषणा की है। इजराइल के आर्मी रेडियो ने कहा है, सैन्य अभियान दक्षिणी गाजा पट्टी के राफा शहर में चलाई गई थी और इस दौरान, इजराइली सैनिकों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया और उनके शव अपने साथ ले गए।

इजराइली सेना ने पहले कहा था, कि "गाजा पट्टी में सैन्य अभियान के दौरान, तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया", और इजराइली सुरक्षा एजेंसियां "इस संभावना की जांच कर रही हैं, कि आतंकवादियों में से एक क्या याह्या सिनवार था?"

हालांकि, सेना ने ये भी कहा है, कि "आतंकवादियों की पहचान की पुष्टि नहीं की जा सकती है।" लेकिन, अब सेना ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी है।

सेना ने कहा है, कि "जिस इमारत में आतंकवादियों को मार गिराया गया, वहां इजराइली बंधकों की मौजूदगी के कोई संकेत नहीं मिले।"

पहले सेना के बयान में कहा गया था, कि "इस समय आतंकवादियों की पहचान की पुष्टि नहीं की जा सकती है।"

वहीं, बयान में ये भी कहा गया था, कि इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि जिस इमारत में तीन आतंकवादी मारे गए, वहां इजराइली बंधक मौजूद थे। एएफपी ने एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा है, कि ऑपरेशन के दौरान मारा गया व्यक्ति वास्तव में सिनवार था या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण किया जा रहा है।

बयान में कहा गया था, कि दृश्य साक्ष्य से पता चलता है कि उनमें से एक व्यक्ति सिनवार था और डीएनए परीक्षण किए जा रहे हैं। इजराइल के पास इजराइली जेल में बिताए गए सिनवार के डीएनए के नमूने हैं।

सिनवार की मौत की पुष्टि हो गई है, और यह इजराइली सेना और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है, क्योंकि हाल के महीनों में इजराइल के प्रमुख दुश्मन नेताओं की हत्या की कई घटनाएं हुई हैं।

कौन था याह्या सिनवार?

7 अक्टूबर से याह्या सिनवार, इजराइल की वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर था।

लेकिन वह अब तक पकड़ा नहीं जा सका था और ऐसी संभावना थी, कि वो पिछले एक साल से चल रहे युद्ध के दौरान गाजा पट्टी में बनाए गये सुरंगों में छिपा हुआ था। उसने इजराइल के अस्तित्व को मिटा देने की कसम खाई थी।

इजराइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बाइबिल के उद्धरण के साथ एक संदेश पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है, कि "तुम अपने दुश्मनों का पीछा करोगे और वे तलवार से तुम्हारे सामने गिरेंगे। हमारे दुश्मन छिप नहीं सकते। हम उनका पीछा करेंगे और उन्हें खत्म कर देंगे।"

इस पोस्ट में पूर्व हिज्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की तस्वीरें हैं, जिसकी पिछले महीने बेरूत में हत्या कर दी गई थी और पूर्व हमास सैन्य प्रमुख मोहम्मद डेफ, जिनकी अगस्त में हत्या कर दी गई थी, उनके बीच तीसरी तस्वीर के लिए खाली जगह थी। तीनों को लाल रंग से काट दिया गया था।

खान यूनिस में हुआ था जन्म

दक्षिणी गाजा के खान यूनिस शरणार्थी शिविर में जन्मा सिनवार, हमास में तब शामिल हुआ था, जब शेख अहमद यासीन ने 1987 में पहली फिलिस्तीनी इंतिफादा की शुरुआत के समय इस समूह की स्थापना की थी।

सिनवार को जानने वाले आधा दर्जन लोगों ने रॉयटर्स को बताया, कि गाजा के शरणार्थी शिविरों में बिताए गए उसके बचपन ने उसके संकल्प को आकार दिया। सिनवार ने हमास के आंतरिक सुरक्षा तंत्र की स्थापना की और इजराइल को जानकारी प्रदान करने के आरोप में फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने और उन्हें क्रूर सजा देने का अभियान चलाया था।

इजराइली मीडिया में प्रकाशित सुरक्षा अधिकारियों के साथ पूछताछ की कॉपी के मुताबिक, सिनवार ने खान यूनिस कब्रिस्तान में केफ़ियेह स्कार्फ़ से एक कथित सहयोगी का गला घोंटने की बात कबूल की थी। गाजा में इस्लामिक विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट, उसने इजरायली जेलों में करीब 23 साल बिताए और इस दौरान हिब्रू भाषा सीखी और कहा जाता है, कि उसे इजराइली संस्कृति और समाज की गहरी समझ है।

2011 में इजराइली सैनिक गिलाद शालिट के बदले उसे रिहा कर दिया गया था।

उसने इजरायली हिरासत में 22 साल की क्रूर सजा काटी और इस दौरान इसे अश्कलोन शहर में भी रखा गया था, और ये वो शहर है, जिसे उसके माता-पिता 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के बाद भागने से पहले अपना घर कहते थे।

बाद में सिनवार गाजा में आंदोलन का समग्र नेतृत्व संभालने से पहले हमास की सैन्य शाखा, एज़ेदीन अल-क़स्साम ब्रिगेड में एक वरिष्ठ कमांडर बन गया।

हालांकि, इस्माइल हानिया एक उदारवादी चेहरा था, लेकिन याह्या सिनवार को क्रूर कसाई कहा जाता था, जिसे किसी की हत्या करने में सेकंड का वक्त नहीं लगता था। वो युद्ध के जरिए इजराइल के अस्तित्व को खत्म कर नया फिलीस्तीन बनाना चाहता था। और उसकी इसी हवस ने गाजा में इतना भीषण युद्ध करवाया है, जिसमें अभी तक 42 हजार से ज्यादा फिलीस्तीनी और उसके संगठन के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं।

7 अक्टूबर की बरसी से पहले के हफ्तों में चार फिलिस्तीनी अधिकारियों और पश्चिम एशिया की सरकारों के दो सूत्रों ने कहा था, कि सिनवार के लिए, सशस्त्र संघर्ष ही फिलिस्तीनी राष्ट्र के निर्माण के लिए मजबूर करने का एकमात्र तरीका है।

सिनवार का सपना था, एक एकल फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करना, जिसमें गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम का पूरा हिस्सा होता। सिनवार की विचारधारा में इजराइल को न सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता है, बल्कि मुस्लिम भूमि पर एक कब्ज़ा करने वाली ताकत के रूप में भी देखा जाता है।

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