ये है दुनिया का सबसे हल्का नवजात, जन्म के समय आधा किलो से भी कम था वजन, अब वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज नाम
बर्मिंघम, 11 नवंबर। दुनिया में रोजाना लाखों बच्चों का जन्म होता है लेकिन इनमें से कई बच्चों की जन्म के बाद ही किसी ना किसी वजह से मौत हो जाती है। जन्म के समय बच्चे का वजन काफी मायने रखता है लेकिन आज हम आपको दुनिया के सबसे प्रीमेच्योर बच्चे से मिलवाने जा रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये दुनिया का सबसे कम वजनी नवजात है, जन्म के समय बच्चे का वेट आधा किलोग्राम से भी कम था। हालांकि डॉक्टरों की देखरेख में बच्चा जीवित बच गया और अब स्वस्थ है।

दुनिया का सबसे कम वजनी बच्चा
ब्रिटेन के बर्मिंघम में अलाबामा में एक साल पहले कर्टिस मीन्स का जन्म हुआ था, जन्म के समय इस बच्चे का वजन सिर्फ 420 ग्राम था। इसकी बड़ी वजह थी समय से पहले ही कर्टिस मीन्स का दुनिया में आ जाना। आमतौर पर बच्चे का जन्म नौ या 10वें महीने में होता है लेकिन कर्टिस मीन्स का जन्म सिर्फ पांचवें महीने (21 सप्ताह) में ही हो गया था। इस तरह कर्टिस का जन्म सामान्य बच्चों से करीब 19 सप्ताह पहले ही हो गया।

जुलाई 2020 में हुआ था जन्म
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कर्टिस की मां मिशेल बटलर ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था लेकिन उनमें से सिर्फ कर्टिस की ही जान बच सकी। जुलाई 2020 में जब उन्हें प्रसव पीड़ा महसूस होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अगले दिन ही मिशेल ने प्रीमेच्योर ट्विंस कर्टिस और सी'अस्या को जन्म दिया। जन्म के एक दिन बाद ही सी'अस्या की मौत हो गई। सी'अस्या को बचाने के लिए डॉक्टरों ने हर संभव कोशिश की।
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ऐसे बच्चों के बचने का चांस सिर्फ 1 प्रतिशत
इतने कम समय में पैदा होने वाले बच्चों के बचने का चांस एक फीसदी से भी कम होता है और कर्टिस उन्हीं खुशकिस्मत बच्चों में था। डॉक्टरों और कर्टिस के माता-पिता ने उसे बचाने के लिए सभी कोशिशे कीं। कर्टिस को कई दिनों तक आईसीयू में रहना पड़ा। करीब तीन महीने बाद कर्टिस को वेंटिलेटर से हटाया गया और अस्पताल में 275 दिन बिताने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। हालांकि मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई थीं।

सांस लेना और खाना खाना सिखाया
कर्टिस ना ही मुंह से सांस ले सकता था और ना ही खाना खा सकता था। डॉक्टरों ने उसे ये दोनों चीजें करना सिखाया। मिशेल बटलर ने कहा, मैं उस पर को जिंदगी भर याद रखूंगी जब मैं कर्टिस को घर ले आई और अपने बड़े बच्चों को उनके छोटे भाई से मिलवाया। कर्टिस के तीन बड़ भाई-बहन हैं। वह अब 1 साल से अधिक का हो चुका है लेकिन आज भी उसे सप्लिमेंटल ऑक्सीजन और एक फीडिंग ट्यूब की जरूरत पड़ती है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
बता दें कि प्रीमेच्योर बेबी होने के नाते कर्टिस का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। कर्टिस से पहले विस्कॉन्सिन में जन्मा रिचर्ड हचिंसन दुनिया का सबसे प्रीमेच्योर बेबी था, उसका जन्म 21 सप्ताह और दो दिन में हुआ था। वहीं, रिचर्ड हचिंसन से पहले यह रिकॉर्ड 34 सालों तक ओटावा में पैदा हुए एक बच्चे के नाम था। उसका जन्म 21 सप्ताह और पांच दिन में हुआ था।
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