विश्व के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में भारत को जबरस्त नुकसान, जापान ने लगाई छलांग
हेनली पासपोर्ट इंडेक्श 2021 में भारत को बड़ा झटका लगा है और भारतीय पासपोर्ट की रैकिंग 6 पायदान नीचे गिर गई है। वहीं, जापान नंबर-1 पर है और चीन को बड़ा फायदा हुआ है।
नई दिल्ली, जुलाई 07: अगर पासपोर्ट का ओलंपिक होता तो जापान ना सिर्फ इसकी मेजबानी करता, बल्कि वो इस प्रतियोगिता का विजेता होता। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स पासपोर्ट की रैंकिंग को लेकर अपनी नई लिस्ट जारी की है, जिसमें जापान एक बार फिर से टॉप पर रहा है। जापान का पासपोर्ट दुनिया भर के 193 देशों के लिए वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा देने के साथ नंबर वन है। लेकिन, सबसे चौंकाने वाली बात भारत के पासपोर्ट को लेकर है, जो पिछड़ गया है।

2021 में पासपोर्ट की रैंकिंग
2021 में सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में भारत को बड़ा झटका लगा है और भारतीय पासपोर्ट 6 स्थान और फिसल गया है, जबकि जापान नंबर वन पर मौजूद है। जापान के बाद पासपोर्ट की रैंकिंग में सिंगापुर नंबर दो पर है तो जर्मनी और साउथ कोरिया संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर विराजमान है। इस वक्त जब हम इस साल के दूसरे छमाही में प्रवेश कर चुके हैं, तब पासपोर्ट की लिस्ट में टॉप-10 स्थान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

चीन और यूएई ने लगाई जोरदार छलांग
विश्व के सबसे ज्यादा शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम और न्यूजीलैंड के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर हैं। 2014 में एक साथ शीर्ष स्थान पर रहने के बाद से शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में दोनों अमेरिका समेत इन देशों की रैंकिंग में लगातार गिरावट आई है। सैद्धांतिक रूप से यूएस और यूके पासपोर्ट धारक दुनिया भर में 187 देशों की यात्रा कर सकते हैं। जबकि, असलियत ये है कि केवल 60 से कम देशों में ही यूनाइटेड किंगडम के यात्रियों के लिए बगैर वीजा के दरवाजे खुले हैं, जबकि यूएस 61 पर आगे है। 2011 के बाद से चीन 22 पायदान ऊपर चढ़कर 90वें स्थान से 68वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि यूएई 65वें नंबर से 15वें स्थान पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि पासपोर्ट के शक्तिशाली होने का मतलब ये है कि उस देश के नागरिक कितने देशों में आसानी से पहुंच सकते हैं।

भारत को पासपोर्ट रैंकिंग में झटका
पासपोर्ट रैंकिंग की लिस्ट में भारत 6 स्थान और फिसल गया है और अब पासपोर्ट रैंकिंग लिस्ट में 90वें स्थान पर पहुंच गया है, वहीं भारत को विश्व के 58 देश बिना किसी वीजा के ही प्रवेश देते हैं। आपको बता दें कि पिछले साल भारतीय पासपोर्ट 84वें नंबर पर मौजूद था, और उस वक्त भी भारतीय नागरिकों को 58 देश ही बिना वीजा एंट्री देते थे। वहीं. यूएई ने पिछले पांच सालों में विश्व के दूसरे देशों के साथ अपने संबंध काफी मजबूत कर लिए हैं, लिहाजा विश्व के 174 देशों में यूएई के लोगों का पहुंचना काफी आसान हो गया है। हालांकि, भारतीय नागरिकों को भी विश्व के किसी भी देश में जाने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है, लेकिन अलग अलग देशों में भारतीय वीजा को लेकर अलग अलग नियम हैं।

सबसे खराब रैकिंग वाले देश
शक्तिशाली पासपोर्ट की ताजा रैंकिंग में जहां भारत को 6 स्थानों का नुकसान हुआ है, वहीं पाकिस्तान को इस लिस्ट में 113 वें नंबर पर रखा गया है। पाकिस्तान के नागरिकों को विश्व के सिर्फ 32 देशों में बगैर वीजा के एंट्री मिलती है। सबसे खराब पासपोर्ट रैकिंग वाले देशों में 108वें नंबर पर नॉर्थ कोरिया है, जबकि नेपाल 109वें नंबर पर आया है। वहीं, फिलीस्तीनी पासपोर्ट की रैकिंग 110 है, तो सोमालिया का स्थान 111 है। वहीं, यमन 112वें और पाकिस्तानी पासपोर्ट का स्थान 113 है। जबकि सीरिया 114, इराक 115 और अफगानिस्तान 116वें स्थान पर हैं।

कैसे होती है पासपोर्ट की रैंकिंग
किसी देश का पासपोर्ट कितना शक्तिशाली है, इसकी वैल्यू इस बात पर निर्धारित की जाती है, कि उस देश को विश्व के कितने देश वीजा ऑन एराइवल देते हैं। जिसका मतलब ये होता है कि कितने देश मानते हैं कि आपके देश के लोग उस देश के लिए खतरा नहीं है। आम भाषा में समझें तो पासपोर्ट रैकिंग इस बात से तय की जाती है, कि एक देश का कितने देशों के साथ काफी अच्छी दोस्ती है। इस आधार पर समझें तो विश्व के 58 देशों के साथ भारत की काफी गहरी दोस्ती है और उन 58 देशों में आप बगैर वीजा के सफर कर सकते हैं और उस देश में आपको ऑन एराइवल वीजा मिल जाएगी। पासपोर्ट की रैकिंग के लिए इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन यानि आईएटीए आंकड़ें उपलब्ध करवाती है।












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