सऊदी अरब के शेल्टर होम में जंजीरों और तालों से बांधकर रखी जा रहीं महिलाएं, देखें ये डरावना वीडियो
सऊदी अरब के एक शेल्टर होम का वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नजर आ रहा था कि कैसे सुरक्षा अधिकारी और खाकी यूनिफॉर्म पहने पुलिस ऑफिसर्स लड़कियों और महिलाओं को उनके बालों से पकड़कर खींच रहे हैं
रियाद, 07 सितंबरः सऊदी अरब के एक शेल्टर होम का वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नजर आ रहा था कि कैसे सुरक्षा अधिकारी और खाकी यूनिफॉर्म पहने पुलिस ऑफिसर्स लड़कियों और महिलाओं को उनके बालों से पकड़कर खींच रहे हैं और उन्हें बेदर्दी से पीट रहे है। इसे देखकर पता चलता है कि कैसे सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति को सुधारने का दावा करने वाले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सुल्तान के मुल्क में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा महिलाओं संग ऐसा सुलूक किया जाता है।

असिर प्रांत के शेल्टर होम का वीडियो
वीडियो असिर प्रांत में स्थित खामिस मुशैत के एक अनाथालय का बताया जा रहा है। कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अरब में महिलाओं और लड़कियों संग इस तरह की बर्बरता कोई नई बात नहीं है। मई में ही एक रिपोर्ट आई थी जिसमें आयशा अल्नीजिबानी नामक महिला का जिक्र किया गया था। आयशा को उसके परिवार वालों ने अनाथालय में छोड़ दिया था। 22 साल की आयशा ने राजधानी रियाद की सड़कों पर घूमते हुए वीडियो बनाकर अपनी कहानी सुनाई। उसने बताया कि उसे कैद करके रखा जाता था। उसे कई तरह के तालों में चेन से बांधकर रखा जाता था। जब उसने अनाथालय की स्थिति को लेकर बात की, तो उसे जेल में डाल दिया गया।

मई में आयशा का वीडियो हुआ था वायरल
आयशा ने बताया कि उस पर 10 साल का ट्रैवल बैन लगा दिया गया और सड़क पर छोड़ दिया गया। आयशा का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद उसे सऊदी अरब की महिलाओं का काफी समर्थन मिला। विशेषज्ञों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब की सड़कों पर कभी इस तरह किसी महिला को अपनी कहानी सुनाते नहीं देखा। हालांकि आयशा के वीडियो से दुनिया को इतना जरूर पता चला कि देश के शेल्टर होम में महिलाओं को कैसे रखा जाता है। सऊदी अरब की एक्टिविस्ट और पत्रकार अल-हरीती ने इस मसले पर लंदन स्थित ग्रुप ALQST से बात की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के शेल्टर होम अब जेल बन गए हैं।

शेल्टर होम में महिलाओं की स्थिति बदतर
पत्रकार अल-हरीती ने कहा कि अगर किसी को यहां प्रताड़ित किया जाता है, तो आपको और ज्यादा सजा मिलेगी। उसने कहा कि ये नरक बन चुके हैं और इन्हें शेल्टर होम कहना गलत होगा। सऊदी अरब में कई ऐसे कारण हैं, जहां लड़कियों का सरकारी शेल्टर होम में रहना मजबूरी बन जाता है। दरअसल सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति बदतर है। घरों में लड़कियों-महिलाओं संग शोषण बिल्कुल आम बात है। घरों में होने वाली मारपीट से बचने के लिए यहां आ तो जाती हैं लेकिन यहां फंसकर रह जाती हैं। यहां महिलाओं के साथ कई तरह के अपराध होते हैं और कई तरह के अपराध कराए जाते हैं।

शेल्टर होम में फंस कर रह जाती हैं महिलाएं
कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं, जो अपने पुरुष गार्जियन की बात नहीं मानतीं और घर से भागकर यहां आ जाती हैं। यहां उन्हें तब तक रखा जाता है, जह तक वह शादी के लिए हां न कर दें और उनका नया गार्जियन फिक्स न हो जाए। सऊदी अरब के अनाथालय और शेल्टर होम अकसर खबरों में बने रहते हैं। यहां कई बार महिलाएं आत्महत्या कर लेती हैं या समय बीतने के साथ ही बेहतर परिस्थितियों की उम्मीद लगाए मजबूरन रहती हैं। कई बार लड़कियां यहां से भागने की कोशिश करती हैं, तो वहीं कुछ मामलों में उनके रिश्तेदार ही उन्हें मार देते हैं।

क्राउन प्रिंस के दावे पर उठे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये शेल्टर होम्स बिना किसी सुधार के ऐसे ही चल रहे हैं। बेशक क्राउन प्रिंस सुधार के लिए कदम उठा रहे हैं लेकिन इनकी स्थिति ठीक नहीं हो रही है। साल 2018 में सबसे ज्यादा महिला कार्यकर्ता गिरफ्तार हुई हैं। कई ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने 2014 में किंग अब्दुल्ला के आगे याचिका रखी है। जिनमें उन्होंने कहा है कि महिलाओं को जब जरूरत हो, तो उन्हें शेल्टर होम मुहैया कराए जाएं, और इस बात की जांच खत्म हो कि वह यहां क्यों आना चाहती हैं।












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