मास्‍क-वैक्‍सीन के खिलाफ प्रचार करने वाली महिला की हुई कोरोना से मौत, पीछे छोड़ गई तीन छोटे बच्‍चे

Woman campaigning against mask-vaccine dies of corona, leaving behind three small children

मिशिगन, 30 दिसंबर। कोरोना और उसका नया वेरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। कोरोना महामारी आए दो साल हो चुके हैं इसके कारण अब तक लाखों लोगों की जान जा चुकी है। शुरूआत से ही इस वायरस से बचाव के लिए मास्‍क और वैक्‍सीनेशन को सबसे महत्‍वपूर्ण बताया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग कोरोना से बचाव के लिए लागू नियमों के प्रति अनदेखी कर रहे हैं। इन्‍हीं कुछ लोगों में मिशिगन की एक महिला भी शामिल थी जो सोशल मीडिया पर एंटी मास्‍क और एंटी वैक्‍सीन प्रचार कर रही थी। उस महिला को कोरोना को हल्‍के में लेना बहुत भारी पड़ा, महज 29 साल की उम्र में उसकी कोरोना से मौत हो गई।

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एंटी-वैक्स मदर के नाम से जानी जाती थी
एंटी-वैक्स मदर के नाम से लोगों में जानी जाने वाली इस महिला का नाम ब्रिजेट जैक्‍शन था। वो कहती थी कोविड से डरती नहीं हूं और जीवन पर डर को प्राथमिकता देने से इनकार करती हूं। वहीं अब मिशिगन के पोर्ट ह्यूरन में रहने वाली इस ब्रिजेट जैक्सन की कोविड से मौत हो गई है। उसने फेसबुक पर अक्सर अपने एंटी-मास्क, एंटी-वैक्सीन का प्रचार किया।

कोविड को बेकार कहने वाली महिला पीछे छोड़ गई तीन मासूम बच्‍चे
इस महिला के तीन छोटे मासूम बच्‍चे हैं तीनों की उम्र दस वर्ष से कम है सबसे छोटी बेटी महज 2 साल की है। महिला को नवंबर में कोरोना हुआ था। 1 दिसंबर को उसने लिखा 'कोविड बेकार है' और 'फेफड़ों के व्यायाम' जरूरी है और इसके चंद दिन बाद 21 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। ब्रिजेट जैक्सन ने अक्सर फेसबुक पर अपने एंटी-मास्क, एंटी-वैक्सीन को बढ़ावा दिया था। एक बार उसने कहा था कि वह बीमारी के जोखिम को समझती है लेकिन जीवन पर डर को प्राथमिकता नहीं देती है।

...लेकिन जीवन पर डर को प्राथमिकता नहीं देता है

जैक्सन एक कार डीलरशिप का काम करती थी। ब्रिजेट का बड़ा प्यारा परिवार था, जिसके साथ वो आए दिन कैंपिंग और टूर करती थी। उसकी दुनिया उसके बच्चों के इर्द-गिर्द घूमती थी जिन्‍हें अपनी गलती की वजह से अब वो सदा के लिए अनाथ छोड़ गई है। बता दें जैसे-जैसे महामारी फैलती गई, जैक्सन इससे बचाव के लिए सावधानियों की जमकर खिलाफत की और एक बार लिखा था 'सिर्फ इसलिए कि हम मास्क नहीं पहनते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे पास सामान्य शिष्टाचार की कमी है या हम आपका सम्मान नहीं करते हैं। 'हम केवल यह मानते हैं कि आपका डर आपका मुद्दा है। उसने एक और पोस्ट में फिर से वही डर तर्क दिया।सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति कोविड से नहीं डरता, इसका मतलब यह नहीं है कि वह इस पर विश्वास नहीं करता है। वह जोखिम को समझता है लेकिन जीवन पर डर को प्राथमिकता नहीं देता है।

कोविड के कारण उसके दादा की हुई थी मौत तो लिखी थी ये बात

उसने कोविड वैक्सीन के खिलाफ कई मीम्स भी शेयर किए। जबकि अक्‍टूबर में उसके दादा का कोविड से निधन हो गया था। दादा के निधन के बाद उनसे लोगों से पूछा था 'दोस्त जो अस्पताल में कोविड के कारण मर गए उन्‍हें फेफड़ों के किस व्यायाम ने आपके फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद की?' इसके चंद दिन बाद ही ये महिला भी कोरोना की चपेट में आ गई और अंत समय में 100% वेंटिलेटर पर रही और महज 29 साल में अपने पीछे तीन बच्‍चे छोड़ कर हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कर गई। उसकी सबसे छोटी बेटी महज 2 साल की है।

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