जिस डॉक्टर को कोरोना के बारे में मिली थी चीनी सरकार से धमकी, उनकी पत्नी ने दिया बेटे को जन्म
बीजिंग। चीन के डॉक्टर ली वेनलियांग जिन्हें सबसे पहले कोरोना वायरस का पता लगा था, उनकी पत्नी ने फू यूइजे ने अब एक बच्चे को जन्म दिया है। डॉक्टर ली को चीन के एक ऐसे व्हीस्लब्लोअर के तौर पर माना जाता है, जिन्होंने जानलेवा वायरस को लेकर कई तरह से सरकार को आगाह किया था। मगर सरकार की तरफ से उन्हें धमकाया गया। डॉक्टर ली की मौत कोरोना वायरस से ही हुई थी।

दूसरे बच्चे को बताया फाइनल गिफ्ट
34 साल के डॉक्टर ली वुहान के ही रहने वाले थे। जिस समय उनकी मौत हुई उनकी पत्नी फू गर्भवती थीं। फू ने ची की मैसेंजिंग एप वीचैट पर बच्चे की फोटो को शेयर किया है। उन्होंने इसे अपने स्वर्गवासी पति का 'अंतिम उपहार' करार दिया है। यह ली और फू का दूसरा बच्चा है। कोरोना वायरस की वजह से डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत के बाद चीन के लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा और विद्रोह की स्थिति पैदा हो गई थी। मार्च के माह में चीनी सरकार ने ली की मौत के लिए माफी मांगी थी।

30 दिसंबर को ली को लगी कोरोना की भनक
ली, वुहान के सेंट्रल हॉस्पिटल में ऑप्थॉमोलॉजिस्ट के तौर पर काम करते थे। 30 दिसंबर को ली की नजर एक ऐसे मरीज की रिपोर्ट पर पड़ी थी जिसे अस्पताल में एक नई बीमारी के चलते भर्ती कराया गया था। उन्होंने रिपोर्ट देखने के बाद अपने सात दोस्तों को वी चैट पर बताया था कि जो रिपोर्ट उन्होंने देखी है उसके नतीजे बिल्कुल सार्स महामारी जैसे हैं जो चीन में साल 2002-2003 में फैली थी। उन्होंने अंदेशा जताया था कि जल्द ही यह नई बीमारी भी महामारी का रूप ले सकती है।

अथॉरिटीज को अलर्ट करने की कोशिश
जब ली को कोरोना वायरस के बारे में पता लगा था तो उन्होंने अथॉरिटीज को अलर्ट करने की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर उन्होंने किसी को भी इस बारे में बताया तो फिर यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा। ली को पुलिस ने गिरफ्तार तक कर लिया था। डॉक्टर ली चीन के युवाओं के आदर्श बन गए हैं। वुहान पुलिस ने जनवरी में उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया था। डॉक्टर ली ने अपने दोस्त को बताया था कि सार्स जैसा वायरस देश में फैल रहा है और वुहान महामारी का केंद्र है।

फरवरी में हुई डॉक्टर ली की मौत
ग्लूकोमा के एक मरीज का इलाज करने के बाद वह इस महामारी के संपर्क में आ गए थे। उस समय उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह वायरस उन तक कैसे पहुंचा। फरवरी माह में ली की मौत हो गई थी। डॉक्यूमेंट ऑफिसर्स ने बताया था कि आठ लोगों को भी वायरस से जुड़ी अफवाह फैलाने का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लेकिन अभी यह साफ नहीं हो सका है कि ली इनमें से एक थे या नहीं।












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