US Iran conflict: ट्रंप की धमकी के बाद बैठक से Iran ने किया वॉकआउट,अमेरिका-ईरान की पहली बैठक बेनतीजा
US Iran conflict: स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता गंभीर संकट में घिर गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर फिर से हमले की कड़ी चेतावनी के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने आमाने-सामने हो रही इस मीटिंग से वॉकआउट कर दिया। इसके साथ ही, ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को दोबारा बंद करने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
यह वार्ता पिछले हफ्ते दोनों देशों द्वारा अंतरिम शांति समझौते को लागू करने से संबंधित थी जिसका उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे, जिसमें स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल रहे। वहीं ईरान की ओर से संसद प्रेसिडेंट मोहम्मद बगेर कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी बातचीत की कमान संभाल रहे हैं।

ट्रंप की सैन्य धमकी के बाद प्रतिनिधिमंडल का वॉकआउट
रविवार को वार्ता शुरू होते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान समर्थित प्रॉक्सी संगठनों ने लेबनान में हमलों को तुरंत नहीं रोका, तो अमेरिका ईरान पर फिर से भीषण हमले करेगा। इस कड़े बयान के तुरंत बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने मीटिंग से वॉकआउट कर दिया।
ईरान की सरकारी मीडिया तासनिम के अनुसार, अमेरिकी धमकियों के विरोध में ईरान सीधे संवाद से हट जरूर गया है लेकिन कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों के माध्यम से अनौपचारिक संदेशों का आदान-प्रदान अब भी जारी है। अमेरिकी राजनयिकों ने भी पुष्टि की है कि वार्ता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और गतिरोध दूर करने के लिए रात भर संपर्क बना रहा।
तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उम्मीद जताई थी कि यह कूटनीतिक बातचीत मिडिल ईस्ट में नया चैप्टर लिखने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां से वह या तो शांति का रास्ता चुन सकता है या पुरानी दुश्मनी की ओर लौट सकता है। हालांकि, ताजा गतिरोध ने इस उम्मीद पर गहरा साया डाल दिया है।
हॉरमुज जलमार्ग बंद होने से तेल बाजार में खलबली
कूटनीतिक गतिरोध के समानांतर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने घोषणा की कि लेबनान में इजरायली हमलों के विरोध में स्ट्रेट ऑफर हॉरमुज को शिपिंग के लिए दोबारा बंद कर दिया गया है। एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या शनिवार के 26 से घटकर रविवार को मात्र पांच रह गई, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति संकट गहरा गया है।
इस बंदी के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई। ब्रेंट क्रूड वायदा में लगभग 2.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह तेजी से बढ़कर 82.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गया। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने इस बिगड़ते हालात के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक बयानबाजी और नीतियों को दोषी ठहराया है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि यदि यह शांति वार्ता विफल होती है, तो ट्रंप प्रशासन हॉरमुज को अपने बलपूर्वक नियंत्रण में ले सकता है। ग्राहम के अनुसार, अमेरिकी नौसेना इस मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर वहां से गुजरने वाले विदेशी व्यापारिक जहाजों से एक विशेष सुरक्षा टोल टैक्स भी वसूल सकती है।












Click it and Unblock the Notifications