मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड, वियतनाम.. भारतीयों के लिए वीजा फ्री हो रही दुनिया, टूरिज्म डिप्लोमेसी के सुपरपावर?
Malaysia-India Visa Free Services: मलेशिया ने घोषणा की है, कि एक दिसंबर से वो भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री एंट्री की सुविधा शुरू कर रहा है। यानि, अब भारतीय नागरिकों को मलेशिया जाने के लिए वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। मलेशिया के प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को घोषणा की है, कि मलेशिया 1 दिसंबर से भारत के नागरिकों के लिए प्रवेश वीजा जरूरतों को खत्म कर देगा।
सिर्फ मलेशिया ही नहीं, बल्कि श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम जैसे भी देश हैं, जो भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए फ्री वीजा नीति ला रहे हैं। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है, भारतीय पर्यटकों की बढ़ती रिकॉर्डतोड़ संख्या, जिसकी तरफ तेजी से दुनिया का ध्यान दिया है। लिहाजा, ये भारत की टूरिज्म डिप्लोमेसी की तरफ बढ़ता कदम है।

भारतीयों को क्यों वीजा फ्री एंट्री देगा मलेशिया?
रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा, कि एक दिसंबर से हम भारत और चीन के नागरिकों को मलेशिया आने के लिए 30 दिनों की वीजा छूट की अतिरिक्त सुविधा देंगे।
मलेशिया सरकार के इस फैसले का उद्देश्य देश में पर्यटन को बढ़ावा देना और बदले में अपनी अर्थव्यवस्था को ऊपर की ओर धकेलना है। और यह कदम तब आया है, जब अनवर ने पिछले महीने "विशेषकर भारत और चीन से" पर्यटकों और निवेशकों के प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अगले साल वीजा सुविधाओं में सुधार करने की योजना की घोषणा की थी।
लेकिन ऐसा क्यों है कि मलेशिया और अन्य देश भारतीयों को वीज़ा-मुक्त यात्रा प्रदान कर रहे हैं? इस कदम का क्या फायदा होने वाला है, आइये समझने की कोशिश करते हैं।

किन देशों में भारतीयों को वीजा फ्री एंट्री?
हाल ही में, कई देशों ने भारतीयों के लिए वीजा छूट की घोषणा की है, जिससे परेशानी मुक्त यात्रा के दरवाजे खुल गए हैं। कुछ हफ़्ते पहले, थाईलैंड ने घोषणा की थी, कि भारतीय नागरिक 10 नवंबर से बिना वीज़ा के एशियाई देश में प्रवेश कर सकते हैं। 10 मई 2024 तक ये सुविधा वैध रहेगी। इस दौरान थाईलैंड, अपने देश में भारतीय पर्यटकों को केवल पर्यटन उद्देश्यों के लिए 30 दिनों के लिए रहने की अनुमति दे रहा है।
इसी तरह, श्रीलंका ने भारत के आगंतुकों के लिए वीज़ा-मुक्त प्रवेश पहल की घोषणा की है। श्रीलंका सरकार की ये पहल 31 मार्च 2024 तक कर्ज में फंसे द्वीप राष्ट्र के पर्यटन के पुनर्निर्माण के लिए एक पायलट परियोजना का एक हिस्सा है।
भारतीय पर्यटकों के अलावा, चीन, रूस, मलेशिया, जापान, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित छह अन्य देशों के यात्री भी इसमें शामिल हो सकेंगे और वो बिना किसी शुल्क के श्रीलंका की यात्रा कर सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि वियतनाम भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीयों को अल्पकालिक वीजा छूट देने पर भी विचार कर रहा है। वियतनामी समाचार एजेंसी वीएनएक्सप्रेस के अनुसार, वियतनाम के संस्कृति, खेल और पर्यटन मंत्री गुयेन वान हंग ने पर्यटन वसूली में मदद के लिए चीन और भारत जैसे प्रमुख बाजारों के लिए छूट का आह्वान किया है। इसकी घोषणा 22 नवंबर को प्रधान मंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की अध्यक्षता में एक सम्मेलन में की गई थी।
मलेशिया ने भी देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रविवार को भारतीयों को वीजा से छूट देने की घोषणा की।
दरअसल, जुलाई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नागरिक बिना वीजा के 57 देशों की यात्रा कर सकते हैं।
वीज़ा छूट देने वाले देशों के अलावा, कुछ देशों ने वीज़ा प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय यात्रियों के लिए वीज़ा आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने, तेज़ करने और सुव्यवस्थित करने के लिए "महत्वपूर्ण प्रयास" किए हैं।
रूस ने भी भारतीय पासपोर्ट धारकों को इलेक्ट्रॉनिक वीजा (ई-वीजा) जारी करना शुरू कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस कदम का मकसद आगंतुकों को पर्यटन, व्यापार यात्राओं और अतिथि यात्राओं सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए यात्रा अनुमोदन तेजी से प्राप्त करने में मदद करना है।
भारतीयों को वीजा फ्री एंट्री देने का मकसद?
ऐस कई कारण हैं, जिनकी वजह से मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका और अन्य देश भारतीयों को वीज़ा-मुक्त यात्रा पर विचार कर रहे हैं या अनुमति दे रहे हैं।
आइए सबसे पहले मलेशिया की बात करते हैं। वीज़ा-फ्री सुविधा, किसी भी देश में किसी यात्री की प्रवेश यात्रा को आसान बनाता है, जिससे देश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या आकर्षित होती है और इसकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।
वीजा आवश्यकताओं में छूट देकर, मलेशिया की कोशिश है, कि देश में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भारतीय पर्यटक आएं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन और भारत क्रमशः मलेशिया के चौथे और पांचवें सबसे बड़े स्रोत बाजार हैं।
मलेशिया सरकार के सरकारी आंकड़ों से पता चलता है, कि मलेशिया में इस साल जनवरी से जून के बीच करीब 91 लाख पर्यटक आए थे, जिनमें चीन से 4,98,540 और भारत से 2,83,885 पर्यटक आए। महामारी से पहले, 2019 की समान अवधि में चीन से 15 लाख तो भारत से मलेशिया में साढ़े तीन लाख पर्यटक पहुंचे थे।
लिहाजा, मलेशियाई प्रशासन को उम्मीद है, कि वीजा फ्री एंट्री की सुविधा होने के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या में काफी ज्यादा इजाफा होगा, जिससे इसकी अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय पर्यटकों की अहमियत समझती दुनिया
यह प्रवृत्ति सिर्फ मलेशिया तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, दुनिया भर के देश भारतीय पर्यटकों की अहमियत देख रहे हैं। 2022 में, 2 करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने विदेश यात्राएं की हैं। वहीं, साल 2023 के पहले चार महीनों में ही करीब 85 लाख भारतीय विदेश यात्रा कर चुके हैं और जब 2023 का पूरा आंकड़ा होगा, तो ये 2022 के 2 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, बुकिंग.कॉम और मैकिन्से एंड कंपनी द्वारा जारी 'हाउ इंडिया ट्रैवल्स' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है, कि भारतीय यात्रियों का विदेशों कुल खर्च 410 अरब डॉलर तक बढ़ जाएगा, जिससे भारत चौथा सबसे बड़ा वैश्विक खर्च करने वाला देश बन जाएगा। यह 2019 की तुलना में 173 प्रतिशत की वृद्धि है, जब भारतीय यात्रियों ने सामूहिक रूप से 150 बिलियन डॉलर खर्च किए थे, और उस वक्त भारत, छठे सबसे बड़े वैश्विक खर्चकर्ता के रूप में उभरा था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, कि भारतीय यात्रियों द्वारा यात्राओं की संख्या 2019 में 2.3 अरब से बढ़कर 2030 में आश्चर्यजनक रूप से 5 अरब हो जाने का अनुमान है। लिहाजा, मलेशिया और श्रीलंका जैसे देश, जिनकी इकोनॉमी पर्यटन पर काफी निर्भर है, वो भारतीय पर्यटकों को लुभाने का काम कर रहे हैं।
हॉलिडे मूड्स एडवेंचर्स के डायरेक्टर अर्शदीप आनंद ने फ्री प्रेस जर्नल से कहा, कि "भारतीय बड़े खर्च करने वाले लोग हैं और दुनिया को इसका एहसास हो गया है।"
वहीं, थॉमस कुक के चेयरमैन और हॉलीडे एमआईसीई और वीज़ा के देश प्रमुख राजीव काले ने द इकोनॉमिक टाइम्स को कहा, कि "भारतीय इस तरह की यात्रा कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं किया था।"
उन्होंने कहा, कि कंपनी की मांग में 200 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। लिहाजा, ये एक बड़ा कारण है, कि देश भारतीयों को वीज़ा-मुक्त यात्रा की अनुमति दे रहे हैं। फिलहाल भारतीयों को शेंगेन और अमेरिकी वीजा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिसे समझते हुए, ये देश संभावित यात्रियों को अपने देशों में आकर्षित कर रहे हैं।
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