भारत को 60 दरियाई घोड़ा भेजने की योजना क्यों बना रहा है कोलंबिया ? जानिए
कोलंबिया से 70 कोकीन दरियाई घोड़े भारत और मेक्सिको भेजे जाने हैं। इसकी तैयारी सालभर से चल रही है। कोलंबिया में ये दरियाई घोड़े जबरन उठाकर लाए गए थे, जो अब बहुत बड़ी समस्या बन गए हैं।

कोलंबिया अपने देश से 60 दरियाई घोड़े भारत भेजने की तैयारियों में पिछले एक साल से जुटा हुआ है। भारत में उन्हें रखने के लिए जगह की भी पहचान हो चुकी है। कोलंबिया से 10 दरियाई घोड़े मेक्सिको भेजे जाने की भी योजना है। दरअल, इन दरियाई घोड़ों, जिन्हें कोकीन दरियाई घोड़े कहा जा रहा है, उनका अपना एक अजीब इतिहास रहा है। उनका नाम एक बदनाम शख्सियत से जुड़ा है। कोलंबिया उन्हें बाहर भेजने के लिए इसलिए छटपटा रहा है, क्योंकि उनकी वजह से वहां की जैव विविधता पर खतरा मंडरा रहा है।

60 कोकीन दरियाई घोड़े भारत भेजने की तैयारी कर रहा है कोलंबिया
कोलंबिया अपने 70 कोकीन दरियाई घोड़े (cocaine hippos) भारत और मेक्सिको भेजने की योजना बना रहा है। एपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन 70 दरियाई घोड़ों में मादा और नर दोनों ही शामिल हैं, जिनमें से 60 भारत भेजे जाएंगे और 10 मेक्सिको को सौंपे जाएंगे। कोलंबिया में इस समय 130-160 की संख्या में दरियाई घोड़े हैं, जो पाब्लो एस्कोबार द्वारा निर्मित शानदार एस्टेट हैसिएंडा नैपोल्स से आगे तक फैल चुके हैं। जानकारी के मुताबिक एस्कोबार को 'ड्रग लॉर्ड' के नाम से भी जाना जाता है और उसे 'दुनिया का सबसे बड़ा अपराधी' भी कहा गया।

कोलंबिया में तेजी से बढ़ रही है जनसंख्या
जिन दरियाई घोड़ों को कोलंबिया भारत भेजना चाहता है, वह उन चार दरियाई घोड़ों (एक नर और तीन मादा) के वंशज हैं, जिन्हें कथित तौर पर 1970 के दशक में अफ्रीका या अमेरिका से कोलंबिया लाया गया था। वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक 1991 में जब वहां की सरकार के सामने एस्कोबार ने सरेंडर कर दिया था, तो इन जानवरों को आजाद छोड़ दिया गया। जब उसके जानवरों का फार्म खाली पड़ गया तो दरियाई घोड़े अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थिततियों में स्थानीय नदियों में जिंदा बच गए और उनकी जनसंख्या बढ़नी शुरू हो गई।

'जैव विविधता के लिए एक संभावित समस्या'
हैसिएंडा नैपोल्स मैग्डेलेना नदी के किनारे बोगोटा से 200 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां से यह दरियाई घोड़े आज काफी दूर निकल चुके हैं। यह 3 टन तक वजनी भी होते हैं। पर्यावरण से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एंटिओक्विया प्रांत में इस समय लगभग 130 दरियाई घोड़े हैं, जिनकी आबादी आने वाले 8 वर्षों में बढ़कर 400 तक हो सकती है। वैज्ञानिकों की चिंता ये है कि कोलंबिया में दरियाई घोड़े का कोई प्राकृतिक शिकारी नहीं है और ये यहां की जैव विविधता के लिए एक संभावित समस्या हैं। क्योंकि, इनका मल नदियों की संरचना को प्रभावित करते हैं, जिससे मैनेटी के निवास प्रभावित हो सकते हैं, जिन्हें समुद्री गाय और capybaras के नाम से भी जाना जाता है।

एक साल से चल रही है भारत भेजने की तैयारी
पिछले साल कोलंबिया सरकार ने इन्हें जहरीली आक्रामक प्रजाति घोषित किया था। यह भी कहा जाता है कि वह स्थानीय इकोसिस्टम और यहां तक कि कभी-कभी इंसानों के लिए भी खतरा पैदा कर देते हैं। पहले ऐसी भी रिपोर्ट थी कि कोलंबिया सरकार ने उन्हें बधिया करने और गर्भ-निरोधक देने की भी कोशिशें कीं, लेकिन सीमित सफलता ही हाथ लगी। एंटिओक्विया स्थित पर्यावरण मंत्रालय के पशु सुरक्षा और कल्याण के निदेशक लीना मार्सेला डे लॉस रिओस मोरालेस ने कहा कि भारत और मेक्सिको भेजने की योजना पर एक साल से बात हो रही है।

गुजरात भेजे जाएंगे दरियाई घोड़े
योजना के मुताबिक कोलंबिया से 60 दरियाई घोड़े गुजरात के जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलेशन किंग्डम भेजे जाने हैं। बाकी 10 दरियाई घोड़े मेक्सिको के चिड़ियाखानों और वन्यजीव अभ्यारण्य में भेजे जाने हैं। इन दरियाई घोड़ों को उनके भोजन के साथ लोहे के कंटेनरों में रखकर ट्रकों के माध्यम से 150 किलोमीटर दूर रियोनेग्रो स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचाया जाएगा, जहां से एयरलिफ्ट करके भारत और मेक्सिको पहुंचाया जाएग।
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जनसंख्या नियंत्रण के लिए दरियाई घोड़े भारत भेज रहा है कोलंबिया
दरियाई घोड़ों को बाहर भेजने की वजह से कोलंबिया में उनकी जनसंख्या नियंत्रण में मदद मिलेगी। एंटिओक्विया के गवर्नर के दफ्तर के मुताबिक इक्वाडोर, फिलीपींस और बोत्सवाना ने भी अपने यहां इन कोकीन दरियाई घोड़ों को शिफ्ट करवाने में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन, फिलहाल उन्हें भारत और मेक्सिको भेजे जाने की योजना पर ही काम चल रहा है। (तस्वीरें- सांकेतिक)











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