कमल हिंदुजा का था खौफ, नौकरों से कुत्तों जैसा सलूक.. ओह, कितना काला निकला खरबपति हिंदुजा परिवार का दिल!

Who are Hindujas: भारतीय मूल के खरबपति कारोबारी हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को स्विस आपराधिक अदालत ने चार सालों की सजा सुनाई है। इन चारों सदस्यों के खिलाफ अपने घरेलू नौकरों का कथित तौर पर शोषण करने के लिए चार से साढ़े चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने उन पर मानव तस्करी के कुछ गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

अरबपति हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को शुक्रवार को स्विटजरलैंड के जिनेवा में अपने आलीशान विला में "कम वेतन वाले नौकरों का अवैध शोषण" करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है।

Swiss court sentences Hinduja

सबसे बड़े हिंदुजा - प्रकाश हिंदुजा (78) और उनकी पत्नी कमल हिंदुजा (75) - जो खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, उन्हें साढ़े 4 साल जेल की सजा सुनाई गई है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रकाश हिंदुजा के बेटे अजय हिंदुजा और उनकी पत्नी नम्रता हिंदुजा, जो अदालत कक्ष में गैरहाजिर थे, उन्हें 4 साल से थोड़ी कम सजा मिली है। परिवार के सदस्य अजय हिंदुजा, उनकी पत्नी नम्रता और उनके माता-पिता को भारत से लाए गये कर्मचारियों का अवैध लाभ उठाने का दोषी पाया गया और अदालत में पाया गया, कि उन्होंने स्विट्जरलैंड में तय किए गये न्यूनतम वेतन का दसवां हिस्सा अपने नौकरों को मासिक वेतन के तौर पर दिया।

वहीं, इस मामले में पांचवें आरोपी, हिंदुजा परिवार के बिजनेस मैनेजर नजीब जियाजी को 18 महीने की सजा मिली है।

शुक्रवार को हिंदुजा परिवार ने जिनेवा में परिवार के कुछ सदस्यों को जेल की सजा मिलने पर निराशा जताई है और उन्होंने फैसले को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय में अपील दायर करने की बात कही है, जिसमें उन्हें कमजोर घरेलू कामगारों का शोषण करने का दोषी पाया गया है।

हिंदुजा कौन हैं?

- परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने 1914 में ब्रिटिश भारत के सिंध क्षेत्र में कमोडिटी-ट्रेडिंग व्यवसाय की स्थापना की थी, जिसे उनके चार बेटों ने जल्दी ही एक विशाल कारोबार में तब्दील कर दिया। उन्हें शुरुआत में बॉलीवुड फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूट करने में भारी कामयाबी मिली। परिवार के सबसे बड़े बेटे श्रीचंद हिंदुजा का साल 2023 में निधन हो गया।

- श्रीचंद की मृत्यु के बाद उनके भाई गोपीचंद, प्रकाश और अशोक ही बचे। तीनों छोटे भाइयों की पहले श्रीचंद और उनकी बेटी वीनू के साथ परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन 2022 में उन्होंने अपने मतभेद सुलझा लिए।

- हिंदुजा परिवार की फाइनेंस, मीडिया और ऊर्जा क्षेत्रों में काफी दिलचस्पी है और सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली छह भारतीय कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है। उनकी सामूहिक संपत्ति कम से कम 14 बिलियन डॉलर है, जो उन्हें एशिया के शीर्ष 20 सबसे धनी परिवारों में शुमार करती है।

- प्रकाश हिंदुजा और उनके भाई एक औद्योगिक समूह की देखरेख करते हैं जो इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मीडिया, बिजली, रियल एस्टेट और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में फैला हुआ है। फोर्ब्स का अनुमान है, कि हिंदुजा परिवार की कुल संपत्ति लगभग 20 अरब डॉलर है।

हिंदुजा परिवार पर क्या आरोप हैं?

- परिवार के सदस्यों पर आरोप लगाया गया, कि उन्होंने भारत से लाए गये नौकरों के पासपोर्ट जब्त कर लिए थे और उन्हें विला से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। इसके अलावा, उन्हें स्विटजरलैंड में न्यूनतम वेतन पर बहुत लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा, कुछ श्रमिक, जो सिर्फ हिंदी बोलते थे, उन्हें स्विस करेंसी की जगह रुपये में भुगतान किया गया। जो वैल्यू के मामले में स्विस करेंसी से काफी कम था।

- परिवार की कानूनी टीम ने आरोपों से इनकार करते हुए अदालत में तर्क दिया, कि कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया गया था और उन्हें उचित आवास उपलब्ध कराया गया था।

- स्विस अदालत ने 79 साल के कारोबारी प्रकाश हिंदुजा, उनकी पत्नी कमल, बेटे अजय और बहू नम्रता के खिलाफ लगाए गये मानव तस्करी के ज्यादा गंभीर आरोपों को खारिज कर दिया, और कहा, कि श्रमिकों को इतना पता था, कि उन्हें क्या करना था और कौन सा काम करने के लिए उन्हें बुलाया गया था।

- पिछले हफ्ते, अदालत में यह खुलासा हुआ था, कि परिवार ने वादी के साथ एक अघोषित समझौता कर लिया है। स्विस अधिकारियों ने संभावित कानूनी फीस और जुर्माने की भरपाई के लिए हीरे, माणिक, एक प्लैटिनम हार और अन्य आभूषण और संपत्ति हिंदुजा परिवार से जब्त कर ली है।

2018 में हिंदुजा परिवार पर लगा था आरोप

- ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुजा परिवार के खिलाफ नौकरों से शोषण का मामला 2018 में शुरू हुए एक मामले से उत्पन्न हुई थी। स्विस प्रॉसीक्यूटर्स ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए विला, हिंदुजा बैंक के कार्यालयों और हिंदुजा समूह के स्वामित्व वाले अन्य स्थानीय व्यवसायों पर छापा मारा और दस्तावेज और हार्ड ड्राइव जब्त कर लिए।

- अदालत ने चारों को नौकरों का शोषण करने, अनधिकृत काम करवाने और स्विटजरलैंड में जितना न्यूनतम वेतन तय किया गया है, उसके 10वें हिस्से का भुगतान करने का दोषी पाया गया।

- प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट में बताया, कि एक आरोपी कमल हिंदुजा ने नौकरों के बीच खौफ का माहौल कायम कर रखा था। उनसे बगैर छुट्टी दिए काम करवाया जाता था और उन्हें 24 घंटे काम के लिए तैयार रहना होता था। इसके अलावा, नौकरों को बेसमेंट में गद्दों पर सोने के लिए मजबूर किया गया।

- जिनेवा अदालत ने स्वीकार किया, कि चारों हिंदुजाओं ने नौकरों की अंग्रेजी नहीं बोलने की समस्या, उनमें ज्ञान की कमी का भारी फायदा उठाया और उनसे बिना छुट्टी दिए काम कराया, जबकि कानून के मुताबिक, उन्हें अवकाश देना आवश्यक था। कोर्ट में साबित हुआ, कि नौकरों से सातों दिन, 18 घंटे से ज्यादा काम करवाए जाते थे।

- हिंदुजा बंधुओं ने स्विस अधिकारियों को धोखा देने के लिए नौकरों के दस्तावेजों को बार बार रिन्यू करवाया और नौकरों को काम पर रखने के लिए स्विस कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

हिंदुजा परिवार ने सजा मिलने पर क्या कहा?

सजा मिलने के बाद हिंदुजा परिवार ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को खारिज किया है और कहा है, कि वो खुद नौकरों की भर्ती नहीं किया करते थे और एक भारतीय कंपनी काम करने के लिए स्टाफ की नियुक्ति करती थी, इसीलिए उनपर मानव तस्करी और शोषण के जो आरोप लगे हैं, वो गलत आरोप हैं।

इसके अलावा, परिवार ने कहा है, कि सरकारी वकीलों ने कोर्ट में जो आरोप लगाए हैं, या जो सच्चाई बताई है, वो आधी अधूरी है, क्योंकि जो भी काम करने वाले लोग थे, उन्हें अच्छा भोजन दिया जाता था और उनके रहने के लिए स्टाफ क्वार्टर था। इसके अलावा, परिवार ने ये भी कहा, कि कई स्टाफ जो काम छोड़कर भारत लौट आए थे, वो बाद में काम पर वापस लौट आए थे और अगर उनके साथ कुछ गलत हुआ होता, तो फिर वो काम पर वापस कैसे लौटते?

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