क्या लैब में बना Coronavirus ? वुहान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट पहुंची WHO टीम, Bat Woman से मुलाकात

WHO Team at Wuhan Institute of Virology: बीजिंग। कोरोना महामारी की शुरुआत की जांच करने के लिए चीन गई विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के जांचकर्ताओं की टीम वुहान स्थित वायरस रिसर्च प्रयोगशाला में पहुंची। डब्ल्यूएचओ टीम वायरस के शुरू होने के सबूत ढूढ़ने के लिए प्रयोगशाला पहुंची थी। इस दौरान टीम ने प्रमुख वायरोलॉजिस्टों से सवाल पूछे।

साढ़े तीन घंटे तक वॉयरोलॉजी में रही थी टीम

साढ़े तीन घंटे तक वॉयरोलॉजी में रही थी टीम

विशेषज्ञों की टीम करीब साढ़े तीन घंटे तक वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में मौजूद रही। इस दौरान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के चारों तरफ भारी सुरक्षा सुरक्षा बल तैनात किया गया है। वुहान ही वह जगह है जहां पर 2019 में पहली बार कोरोना वायरस पहली बार पाया गया था। कोरोना वायरस के पूरी दुनिया में फैलने के बाद कई देशों में लॉकडाउन लगाना पड़ा था। महामारी के चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए। बाद में चीन पर कोरोना वायरस को लेकर जानकारी छिपाने का आरोप लगा था और जांच की मांग की थी। लंबे समय तक विदेशी जांचकर्ताओं के आने का विरोध करने के बाद जनवरी में चीन ने WHO की टीम को आने की अनुमति दी थी।

वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के बार में कई सारी थ्योरीज सामने आई थीं। इसमें एक थ्योरी ये भी है कि इस प्रयोगशाला में ही ये वायरस तैयार हुआ था और 2019 में यह यहां से निकलकर पूरी दुनिया में फैल गया।

बैटवुमन से मिली WHO की टीम

बैटवुमन से मिली WHO की टीम

WHO की जांच टीम के सदस्य पीटर दसॉक ने ट्वीट कर लिखा "डॉ. शी झेंगली समेत WIV के स्टाफ के साथ अति महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें साफ और खुलकर चर्चा हुई। महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए और उनके जवाब दिए गए।"

शी झेंगली ने चमगादड़ों पर कोरोना वायरस के अध्ययन को लेकर पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थीं। इसके चलते बैट वुमन कहा जाता है। वो उन शोधकर्ताओं में थीं जिन्होंने 2019 में पहली बार कोरोना वायरस महामारी के लिए जिम्मेदार Covid-19 की अलग पहचान साबित करने में सफलता हासिल की थी।

शी समेत अधिकांश वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में वायरस को तैयार करने और इसे लीक करने की थ्योरी से इनकार किया है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मनुष्यों पर इसके जोखिमों का परीक्षण करने के लिए इसे जंगल से लाकर प्रयोगशाला में टेस्ट किया गया होगा। इस दौरान इसका संक्रमण किसी सदस्य में पहुंचा होगा जहां से यह दूसरे लोगों में पहुंच गया।

आम लोगों से नहीं मिलेगी WHO टीम

आम लोगों से नहीं मिलेगी WHO टीम

कुछ वैज्ञानिकों ने चीन से प्रयोगशाला में अध्ययन किए गए कोरोना वायरस सैंपल के बारे में विवरण जारी करने की मांग की थी जिसके यह पता लगाया जा सके कि इनमें से कौन से SARS-COV-2 के सबसे करीब है।

वहीं वुहान मिशन पर पहुंची जांचकर्ताओं की टीम को लेकर डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि टीम के सदस्य उन्हीं जगहों पर जाएंगे जहां चीनी प्रशासन उन्हें लेकर जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य प्रतिबंधों के कारण ये टीम लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं करेगी।

जांच टीम दो सप्ताह तक चीन में कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के कारणों की जांच करेगी जिसके आधार पर वह अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके पहले टीम को दो सप्ताह का क्वारंटाइन पीरियड पूरा करना पड़ा था।

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