Mira Murati कौन है? कितनी अमीर? ठुकराया Mark जुकरबर्ग का 1 अरब डॉलर का ऑफर, कैसे-कैसे किए जतन-सब फेल!
Who Is Mira Murati: सिलिकॉन वैली में एक ऐसी महिला का नाम गूंज रहा है, जिसने मार्क जुकरबर्ग जैसे दिग्गज को भी अपने इरादों में नाकाम कर दिया। मीरा मुराती, पूर्व ओपनएआई (OpenAI) CTO और थिंकिंग मशीन्स लैब की संस्थापक, ने मेटा के 1 अरब डॉलर (लगभग 8300 करोड़ रुपये) के ऑफर को ठुकराकर पूरी दुनिया को चौंका दिया।
इतना ही नहीं, उनकी टीम के एक भी सदस्य ने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब में शामिल होने के लिए 20 करोड़ से 1 अरब डॉलर तक के लुभावने ऑफर स्वीकार नहीं किए। जुकरबर्ग ने जब मुराती की कंपनी खरीदने की कोशिश नाकाम हुई, तो उन्होंने उनके सह-संस्थापक एंड्रयू टुलोच को 1.5 अरब डॉलर का पैकेज ऑफर किया, लेकिन वह भी अस्वीकार! आखिर कौन हैं मीरा मुराती, जिनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व ने सिलिकॉन वैली को हिलाकर रख दिया? आइए जानते हैं उनकी कहानी और इस सियासी-टेक ड्रामे का पूरा सच...

Who Is Mira Murati: मीरा मुराती कौन हैं?
मीरा मुराती (36) अल्बानिया में 1988 में जन्मीं एक तकनीकी दिग्गज हैं, जिन्होंने AI की दुनिया में क्रांति ला दी। वह भारतीय मूल की नहीं हैं, जैसा कि कुछ लोग उनके नाम से अनुमान लगाते हैं। उनका जन्म और पालन-पोषण अल्बानिया के व्लोरे शहर में हुआ। 16 साल की उम्र में उन्हें कनाडा के पियर्सन कॉलेज UWC में स्कॉलरशिप मिली, जहां उनकी वैश्विक सोच और तकनीकी रुचि ने आकार लिया। मुराती ने कोल्बी कॉलेज से गणित में BA और डार्टमाउथ के थेयर स्कूल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BE की डिग्री हासिल की।
उनका करियर एयरोस्पेस से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जोडिएक एयरोस्पेस में काम किया। इसके बाद वह टेस्ला में मॉडल X की डेवलपमेंट टीम का हिस्सा बनीं। फिर लीप मोशन (अब अल्ट्रालीप) में संवर्धित वास्तविकता पर काम किया। 2018 में वह ओपनएआई में शामिल हुईं और जल्द ही CTO बन गईं। ओपनएआई में उन्होंने चैटजीपीटी (ChatGPT), डैल-ई (DALL·E), और कोडेक्स (Codex) जैसे क्रांतिकारी प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। 2023 में सैम ऑल्टमैन के अस्थायी निष्कासन के दौरान वह तीन दिन के लिए ओपनएआई की अंतरिम CEO भी रहीं।
2024 में ओपनएआई छोड़कर मुराती ने फरवरी 2025 में थिंकिंग मशीन्स लैब की स्थापना की। यह स्टार्टअप अनुकूलन योग्य, पारदर्शी, और सुरक्षित AI सिस्टम बनाने पर केंद्रित है। बिना कोई प्रोडक्ट लॉन्च किए इस कंपनी ने 2 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई और इसका मूल्यांकन 12 अरब डॉलर तक पहुंच गया। मुराती को टाइम मैगजीन की 2024 की 100 सबसे प्रभावशाली AI हस्तियों और फॉर्च्यून की 2023 की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल किया गया।
मार्क जुकरबर्ग का 1 अरब डॉलर का ऑफर और नाकामी
मार्क जुकरबर्ग ने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब को मजबूत करने के लिए मुराती की थिंकिंग मशीन्स लैब को 1 अरब डॉलर में खरीदने की कोशिश की। मुराती के इनकार के बाद जुकरबर्ग ने उनकी टीम पर निशाना साधा। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, जुकरबर्ग ने मुराती के 50 कर्मचारियों में से एक दर्जन से ज्यादा को लुभाने की कोशिश की। खास तौर पर सह-संस्थापक एंड्रयू टुलोच को 1.5 अरब डॉलर (लगभग 12500 करोड़ रुपये) का पैकेज ऑफर किया, जिसमें बोनस और स्टॉक शामिल थे। लेकिन टुलोच ने भी इसे ठुकरा दिया।
वायर्ड की एक रिपोर्ट में मुराती ने कहा, 'थिंकिंग मशीन्स लैब में अब तक एक भी व्यक्ति ने मेटा का ऑफर स्वीकार नहीं किया।' मुराती की टीम ने 20 करोड़ से 1 अरब डॉलर तक के पैकेज को नकार दिया, क्योंकि वे मुराती की दूरदर्शिता और कंपनी की इक्विटी में विश्वास रखते हैं। मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने 1.5 अरब डॉलर के ऑफर को 'गलत और हास्यास्पद' बताया, लेकिन मेटा की भर्ती कोशिशों की पुष्टि की।
Who Is Andrew Tulloch: एंड्रयू टुलोच कौन है? 1.5 अरब डॉलर ठुकराने वाला सह-संस्थापक
एंड्रयू टुलोच, ऑस्ट्रेलियाई AI विशेषज्ञ और थिंकिंग मशीन्स लैब के सह-संस्थापक, मुराती के सबसे भरोसेमंद साथी हैं। सिडनी यूनिवर्सिटी से गणित में फर्स्ट-क्लास ऑनर्स और यूनिवर्सिटी मेडल हासिल करने वाले टुलोच ने कैम्ब्रिज से मैथमैटिकल स्टैटिस्टिक्स में मास्टर्स और UC बर्कले से PhD की। 2012-2023 तक मेटा में उन्होंने PyTorch डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाई, जो AI रिसर्च का एक प्रमुख टूल है। 2023 में वह ओपनएआई में शामिल हुए और GPT-4 के प्री-ट्रेनिंग और रीजनिंग मॉडल्स पर काम किया। 2025 में मुराती के साथ थिंकिंग मशीन्स लैब शुरू की।
टुलोच ने जुकरबर्ग के 1.5 अरब डॉलर के ऑफर को ठुकराकर सिलिकॉन वैली में सनसनी मचा दी। X पर यूजर्स ने उनकी इस "सिद्धांतों वाली पसंद" की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, 'टुलोच ने पैसे के बजाय मिशन को चुना। थिंकिंग मशीन्स की इक्विटी भविष्य में इससे ज्यादा कीमत की हो सकती है।'
Mira Murati Net Worth: कितनी अमीर हैं मीरा मुराती?
मीरा मुराती की सटीक संपत्ति सार्वजनिक नहीं है, लेकिन उनकी उपलब्धियों को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है। टेस्ला और ओपनएआई में उनकी नेतृत्वकारी भूमिकाओं और थिंकिंग मशीन्स लैब में इक्विटी को देखते हुए, उनकी कुल संपत्ति 5-10 करोड़ डॉलर (लगभग 400-800 करोड़ रुपये) के बीच हो सकती है। थिंकिंग मशीन्स लैब का 12 अरब डॉलर का मूल्यांकन और उनकी इक्विटी हिस्सेदारी भविष्य में उनकी संपत्ति को और बढ़ा सकती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उनकी कंपनी सफल रही, तो उनकी संपत्ति अरबों में पहुंच सकती है।
जुकरबर्ग की नाकामी का राज
जुकरबर्ग की नाकामी सिर्फ पैसों की हार नहीं, बल्कि मुराती के नेतृत्व और उनकी टीम की निष्ठा की जीत है। मुराती ने थिंकिंग मशीन्स लैब को एक मिशन-उन्मुख स्टार्टअप बनाया, जो सुरक्षित, पारदर्शी, और अनुकूलन योग्य AI सिस्टम पर काम करता है। उनकी टीम का मानना है कि उनकी इक्विटी और मिशन मेटा के पैकेज से ज्यादा मूल्यवान है। मुराती ने दावोस में 2025 में कहा था, "बिना मूल्यों का AI बिना विवेक की बुद्धिमत्ता है।" यह दर्शन उनकी कंपनी की रीढ़ है।
What Is Thinking Machines Lab: क्या है थिंकिंग मशीन्स लैब?
2025 में स्थापित, थिंकिंग मशीन्स लैब एक पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन है, जो AI को अधिक सुलभ, समझने योग्य, और सुरक्षित बनाने पर काम करता है। कंपनी ने एंड्रीसन होरोविट्ज, NVIDIA, AMD, और गूगल क्लाउड जैसे दिग्गजों से 2 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई। इसका लक्ष्य स्थानीय भाषाओं, संस्कृतियों, और उद्योगों के लिए अनुकूलित AI सिस्टम बनाना है।
आगे क्या?
मीरा मुराती और उनकी टीम का मेटा के ऑफर को ठुकराना सिलिकॉन वैली में एक नई कहानी लिख रहा है-पैसों से ज्यादा मिशन और स्वतंत्रता की कीमत। मुराती की थिंकिंग मशीन्स लैब जल्द ही अपना पहला प्रोडक्ट लॉन्च करने वाली है, जिससे AI की दुनिया में नया तूफान आ सकता है। क्या मुराती AI की दुनिया को फिर से परिभाषित करेंगी? यह सवाल हर टेक प्रेमी के जेहन में है।
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